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12 लाख की डकैती का पर्दाफाश, पुलिस ने धरे 8 बदमाश

Fri, 24 Feb 2017 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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बिजली बोर्ड के मल्याणा स्टोर में हुई डकैती का शिमला पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बारह लाख की डकैती में संलिप्त आठ डकैतों को पुलिस ने मंडी के बल्ह से धर लिया है। एक डकैत सोलन के धर्मपुर का रहने वाला है। डकैती की इस वारदात को बड़ी सफाई से अंजाम दिया गया था और डकैत इस गलतफहमी में थे कि पुलिस उन तक कभी नहीं पहुंचेगी, लेकिन अपराधी कितने भी चालाक क्यों न हो, पुलिस के लंबे हाथों से कोई बच नहीं पाता।
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यह बात शिमला पुलिस ने साबित कर दिखाई है। आरोपियों में राजेंद्र सिंह निवासी मलथेड़ बल्ह, विक्की निवासी मलथेड़, शेर सिंह निवासी दयारगी हटगढ़, मोहम्मद अली निवासी सात मील, बिंदाल गांव, विजय कुमार मलथेड़, विकास (भ्यूली मंडी), गुगलू (भ्यूली मंडी) और चांद कुमार धर्मपुर सोलन शामिल हैं। इनमें से एक आरोपी मुस्लिम समुदाय का है, बाकी बंगाला समुदाय के हैं।

इनके पास से लाखों की कीमत की तांबे की तारें बरामद कर ली गई हैं। वारदात में इस्तेमाल दो पिकअप और एक बलेरो गाड़ी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। यह खुलासा एएसपी भजन देवी नेगी ने शिमला में प्रेसवार्ता के दौरान किया। 
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ऐसे डकैतों तक पहुंची शिमला पुलिस
मल्याणा के बिजली सेंट्रल स्टोर में रविवार देर रात डकैतों ने सिक्योरिटी गार्ड उमेश को बंधक बनाकर करीब 12 लाख कीमत का तांबा लूट लिया। डकैतों के जाने के बाद सिक्योरिटी गार्ड ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस तभी से डकैतों का सुराग लगाने में जुट गई। मैहली और महिला थाना बीसीएस में लगे सीसीटीवी में वारदात की रात का फुटेज नजर आया।

इसमें एक बलेरो गाड़ी दो पिकअप को एस्कार्ट करते हुए आगे जा रही थी। आईएसबीटी की फुटेज में यह गाड़ियां उसी क्रम में नजर आईं। इसके बाद चमाकड़ी के नजदीक पेट्रोल पंप की फुटेज खंगालने पर यह गाड़ियां फिर नजर आईं। बरमाणा और सुंदरनगर के पास जड़ोल में भी यह गाड़ियां सीसीटीवी में देखी गई लेकिन जब टीम मंडी पहुंची तो यह लीड गायब हो गई। मंगलवार सुबह टीम के सदस्यों को मंडी में एक बलेरो कैंपर घूमती हुई दिखी।

संदेह के आधार पर उसे पकड़ा और इसकी जानकारी एएसपी भजन देव नेगी को दी। उन्होंने फुटेज में नजर आ रही बलेरो और मंडी में पकड़ी गई गाड़ी का मिलान कर टीम को बताया कि यह वही गाड़ी है जो फुटेज में दिख रही है। इसके बाद टीम ने सख्ती से अपनी जांच शुरू की और मामले की परत दर परत खुलती गई और सभी आरोपी गिरफ्त में आ गए। 

केंटर और जंगल में छिपा रखा था तांबा 
डकैतों ने मंडी में केंटर और जंगल में तांबा छिपा रखा था। केंटर में ऊपर से रद्दी डाल रखी थी। वारदात को कुल आठ लोगों ने अंजाम दिया। इनमें से ड्राइवर समेत चार लोग बलेरो में बैठे थे और दो- दो लोग पिकअप में थे। बलेरो में बैठे लोग पिकअप से आगे चल रहे थे और रास्ते की पूरी जानकारी मोबाइल से पिकअप ड्राइवर को दे रहे थे। किसी तरह के खतरे से वह पहले ही आगाह कर देते थे। इस तरह डकैत आराम से मंडी पहुंच गए। 

टीम को किया जाएगा सम्मानित 
पुलिस प्रशासन ने डकैती के मामले को सुलझाने के लिए टीम को पूरा श्रेय दिया। टीम में कुल नौ सदस्य थे। इनकी तीन टीमें बनाई गई थी। इन टीमों को ढली थाने के एसएचओ बाबूराम, सब इंस्पेक्टर विरोचन नेगी और सब इंस्पेक्टर दीपक लीड कर रहे थे। एएसपी ने कहा कि टीम के सदस्यों ने कड़ी मेहनत के बाद डकैतों को धर दबोचा यह बड़ी उपलब्धि है। डीजीपी से टीम को रिवार्ड देने की सिफारिश की जाएगी। 

पुलिस के लिए चैलेंज बन गई थी डकैती: भजन नेगी
एएसपी भजन देव नेगी ने कहा कि यह डकैती शिमला पुलिस के लिए चैलेंज थी। इस पूरे प्रकरण में नौ सदस्यीय टीम ने रात दिन एक करके डकैतों को पकड़ा और तांबा भी बरामद कर लिया। संभव है डकैतों ने पहले रैकी की उसके बाद वारदात को अंजाम दिया। चोरी और सेंधमारी की दूसरी घटनाओं में भी इनका हाथ हो सकता है। बिलासपुर में चोरी के एक मामले में इस गिरोह का हाथ था। पूछताछ चल रही है।
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