बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट पुलिस के पास आ चुकी है। इसमें ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच कर गए हैं। दोनों सैंपलों में पाया गया कि दोनों जगह ज्योति का ही खून है।
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इससे पुलिस केस को जहां मजबूती मिली है, वहीं मुख्य आरोपी हिमाचल के विधायक रामकुमार चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, ज्योति के स्वेटर से मिले बाल के बारे में कहा गया है कि यह किसी इंसान का बाल है, लेकिन किसका है, यह स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सप्लीमेंट्री चालान दे दिया है और सोमवार को सेशन कोर्ट में यह दाखिल हो सकता है। इससे पहले कोर्ट ने इस केस की सुनवाई के दौरान पिछले दिनों सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर को नोटिस देकर सभी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे और अब सैंपलों की रिपोर्ट आई है।
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डिलीट डाटा मिला, मगर रिकार्डिंग नहीं चली
पंचकूला पुलिस ने सीसीटीवी का डाटा प्ले करने, वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ी से मिले बाल का मिलान करने व कार के सीट कवर जांच के लिए सीएफएसएल भेजे थे। चंडीगढ़ के जिस नर्सिंग होम में ज्योति का गर्भपात कराया गया था, उसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट करा दी गई थी, लेकिन पुलिस ने डाटा स्टोरेज डिवाइस को रिकवर कर मधुबन लैब भेजा था।
डिलीट हुआ डाटा वहां रीट्राइव तो हो गया था, लेकिन प्ले नहीं हुआ था। उसे प्ले कराने के लिए भी डाटा को सीएफएसएल भेजा गया था, लेकिन यह अब तक नहीं चल पाया।
खून के धब्बों को लेकर स्थिति नहीं स्पष्ट
इस
रिपोर्ट में सामने आया कि मौका-ए-वारदात से मिला खून ज्योति के कपड़ों से
मिले खून के साथ मैच करता है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हुई कार के सीट
कवर पर खून के धब्बों के बारे स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
इस
रिपोर्ट में सामने आया कि ज्योति के स्वेटर पर जो बाल मिला है, वह किसी
इंसान का है, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि यह किसके हैं? पुलिस ने
मुख्य आरोपी राम कुमार चौधरी, गुरमीत व परमजीत के बालों के सैंपल जांच के
लिए भेजे थे।
होशियारपुर के गांव भुंगा की रहने वाली दलित लड़की ज्योति का शव सैक्टर पंचकूला के सैक्टर 21 में सड़क पर मिला था और उसके चेहरे पर वाहन चलाया गया था ताकि उसकी पहचान को छुपाया जा सके।
इस मामले की तफ्तीश में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के दून विस क्षेत्र के विधायक राम कुमार चौधरी का नाम आया। उन्हें पूरे मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है। इस केस में फंसने के बाद राम कुमार लंबे समय तक फरार रहे। मगर पंचकूला पुलिस ने आखिरकार उन्हें धर दबोचा।
इस मामले में उस समय मोड़ आया जब ज्योति के पिता बूटी नाथ को बयान बदलने के लिए धमकाने का आरोप लगा और बाकायदा एफआईआर भी दर्ज की गई। इस केस में पुलिस ने राम कुमार चौधरी की पत्नी निधि, मलकीयत सिंह उर्फ गुड्डू सहित कई लोगों को आरोपी बनाया है।