पुलिस ने सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले फर्जी अफसर को गिरफ्तार किया है। खुद को एआरओ (आर्मी रिक्रूटमेंट अफसर) बताकर युवाओं से पैसे ऐंठता था। इस शख्स ने मंडी के एक युवक को सेना में भर्ती करवाने के लिए ढाई लाख रूपए की डिमांड की थी। इसी दौरान युवक की सूझबूझ से पुलिस ने आरोपी को घुमारवीं में धर दबोचा।
शातिर को पकड़ने में सेना से भी महत्वपूर्ण इनपुट मिले थे। पुलिस को शक है कि उक्त शख्स एक बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है। इस गिरोह में सेना के भी कई सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद थी। आरोपी की पहचान कांगड़ा निवासी तिलक राज के तौर पर हुई है।
खुद को एआरओ बताकर करता था ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को एआरओ (आर्मी रिक्रूटमेंट अफसर) बताकर सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से पैसे ऐंठता था। आरोपी मंडी के चैहड़ इलाके से संबंधित एक युवक से सेना में भर्ती के नाम पर ढाई लाख रुपये की मांग कर रहा था। पुलिस ने इस फर्जी सेना अधिकारी को सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर पकड़ने में सफलता हासिल की है।
सेना से भी मिले थे इनपुट- इस पूरे ऑपेरशन में बाकायदा भारतीय सेना का भी सहयोग लिया गया। इसमें मेजर रैंक के एक अधिकारी टीम में शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कांगड़ा जिला के तिलक राज के रूप में हुई है। एसपी अशोक कुमार ने इसकी पुष्टि की है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें सेना से जुड़े कुछ लोग भी संलिप्त हो सकते हैं।
मंडी के युवक से कर रहा था ढाई लाख की डिमांड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मंडी जिले के पधर चैहड़ निवासी देवी चंद से उक्त शख्स ने सेना भर्ती के नाम पर ढाई लाख रुपये की डिमांड की थी। आरोपी का दावा था कि पैसे मिलने के बाद फौज में नौकरी पक्की है। देवी चंद ने इसकी शिकायत सीधे एसपी बिलासपुर से की। पुलिस को आर्मी इंटेलीजेंस से भी आरोपी के बारे में पुख्ता इनपुट मिले थे। इसके बाद शिकायतकर्ता के साथ मिलकर पुलिस ने आरोपी को दबोचने के लिए जाल बिछाया। आरोपी ने यह धनराशि उसे बिलासपुर में देने की बात कही थी।
पूरा जाल बिछाते हुए शातिर को बिलासपुर बुलाया गया और घुमारवीं का एक ठिकाना बताकर पैसे देने की बात की गई। जैसे ही शातिर पैसे लेने के लिए पहुंचा तो वहां पहले से तैयार बैठी पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक सेना में भर्ती करवाने के नाम पर इस तरह की ठगी का यह बड़ा गिरोह हो सकता है। पुलिस ऐसे तमाम पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए कार्रवाई कर रही है।
क्या कहते हैं एसपी- एसपी अशोक कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने पूरी तरह से जाल बिछाया था। इसके बाद आरोपी को दबोचा गया। उन्होंने कहा कि आर्मी इंटेलीजेंस से भी इस संबंध में कुछ इनपुट मिले थे। उन्होंने बताया कि जांच होने के बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।