हिमाचल के जिला ऊना की दो शराब फर्मों पर एक्साइज विभाग के साथ करीब ढाई करोड़ के घपले में विजिलेंस ने मुख्य आरोपी अमिल मिन्हास को अदालत से भगोड़ा करवाने की उद्घोषणा जारी करवा दी है। विजिलेंस टीम ने आरोपी की धरपकड़ को कार्रवाई शुरू कर दी है। शराब कारोबार के बहुचर्चित ढाई करोड़ के घपले के मुख्य आरोपी अमिल को सरेंडर करने को एक माह तक समय दिया गया है। विजिलेंस के समक्ष पेश न होने पर आरोपी की संपत्ति की कुर्की का भी विजिलेंस को अधिकार होगा।
एएसपी विजिलेंस सागर चंद्र ने बताया कि बहुचर्चित ढाई करोड़ के घपले के मुख्य आरोपी अमिल मिन्हास तथा उसकी पत्नी हरप्रिया मिन्हास ने ऊना सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। यहां हरप्रिया मिन्हास को जमानत मिल गई थी। अमिल की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। अमिल मिन्हास फरार हो गया और केस की जांच में एक बार भी शामिल नहीं हुआ।
इस पर विजिलेंस ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत अदालत से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाया। इसके बाद उसे भगोड़ा होने की उद्घोषणा करवाई गई है। इसकी प्रतियां विभिन्न सार्वजनिक स्थानों एवं आरोपी के आवासीय मकानों में चिपकाई जा रही हैं। उद्घोषणा के तहत आरोपी को एक माह में पेश होने का आदेश दिया है। पेश न होने पर धारा 83 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार आरोपी की संपत्ति की कुर्की करने के प्रावधान को भी अपनाया जा सकता है।