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बिल मंजूर करवाने के बदले मांगी रिश्वत, 30 हजार के साथ रंगे हाथ पकड़ा

Sat, 01 Apr 2017 08:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, राजगढ़ (सिरमौर)
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बंदरों को पकड़ने के बिल पास करवाने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगना वन विभाग के अकाउंटेंट को महंगा पड़ गया। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर अकाउंटेंट को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार वर्षों से राजगढ़ वन मंडल कार्यालय में तैनात अकाउंटेंट नराता राम को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार सुबह यह कार्रवाई डीएसपी बलवीर जसवाल के नेतृत्व वाली टीम ने की। आरोप है कि लेखाकार की ओर से सुभाष चंद से बंदरों को पकड़ने के बिल मंजूर करने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।

इसकी सूचना सुभाष चंद ने स्टेट विजिलेंस और एंटी क्रप्शन ब्यूरो से साझा की। इसके बाद लेखाकार को पकड़ने के लिए विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। सूत्र बताते हैं कि बिल की कुल राशि 60 हजार रुपये थी, जिसकी राशि भी सुभाष के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से जमा हो चुकी है। विजिलेंस ने सुबह करीब 11 बजे सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर लेखाकार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
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स्टेट विजिलेंस और एंटी क्रप्शन ब्यूरो के एसपी मोहित चावला ने बताया कि वन विभाग के लेखाकार को 30 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। जांच की जा रही है कि एक ही व्यक्ति से बिल पास करने की रिश्वत मांगी जा रही थी या फिर अन्यों से भी इस तरह की डिमांड की जाती थी। आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
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