अनजान फोन कॉल, ईमेल मैसेज पर पैसों का लेनदेन करने से पहले सावधान हो जाएं। ऐसा न हो कि कोई नटवरलाल आपकी गाढ़ी कमाई लूट ले। शिलाई क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इंश्योरेंस कंपनी की कर्मचारी बताकर निहारिका नाम की एक लड़की ने शिलाई के एक किसान की गाढ़ी कमाई के 5, 26000 रुपये लूट लिए।
थाना शिलाई (सिरमौर, हिमाचल)में लड़की के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। वहीं, संबंधित इंश्योरेंस कंपनी पर भी किसान ने यह दलील देकर मामला दर्ज करने की मांग की है कि उनकी पॉलिसी की जानकारी उस लड़की तक कैसे पहुंची। जानकारी के मुताबिक शिलाई के क्यारी गांव निवासी सतपाल ने अपनी पत्नी गीता के नाम से एक इंश्योरेंस कंपनी में बीमा करवाया था।
10,175 रुपये वार्षिक प्रीमियम की यह पॉलिसी 13 साल के लिए करवाई गई। पॉलिसी के तीन साल बाद उसे 25000 रुपये मनी बैक भी हुआ। लेकिन, इसके बाद आर्थिक तंगहाली के कारण वह प्रीमियम जमा नहीं करवा पाया। पुलिस को दी तहरीर में सतपाल ने कहा है कि जून 2016 में निहारिका नाम की एक लड़की का फोन आया।
सात किस्तों में नोएडा के अकाउंट में जमा हुई राशि
उसने आपने आपको इंश्योरेंस कर्मचारी का कर्मचारी बताया और उनकी बंद पड़ी पॉलिसी का प्लान बदलने की बात कही। सतपाल प्लान बदलने पर राजी हो गए। बकौल, सतपाल उन्होंने छह जून 2016 को 31000, 26 जून को 50-50 हजार की दो किस्तें, 14 जुलाई को डेढ़ लाख, दो अगस्त को 73 हजार, 23 अगस्त को 30 हजार और इसके बाद 40 हजार रुपये उसके लड़की द्वारा बताए गए खाते में जमा करवाए।
इस संदर्भ में जब संबंधित कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो बताया गया कि उनके पास ऐसी कोई राशि जमा ही नहीं हुई है। न ही यह बैंक खाते उनके हैं। सतपाल का कहना है कि उनकी पॉलिसी की जानकारी इस तरह सार्वजनिक कैसे हुई। लिहाजा, उनके साथ हुई इस ठगी के लिए निहारिका नाम की लड़की के साथ कंपनी भी जिम्मेदार है।
पुलिस के अनुसार अभी मामले की छानबीन की जा रही है। लड़की संबंधित इंश्योरेंस कंपनी की कर्मचारी है या नहीं पहले यह पता लगाया जाएगा। एसपी सौम्या ने बताया कि भादंसं की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगामी छानबीन जारी है।