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टायर घोटाले में एचआरटीसी के डीएम पर केस दर्ज, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 31 May 2019 08:59 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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एचआरटीसी वर्कशाप में दुकानों और कैंटीन का किराया विभाग को न देने व जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित करने और बहुचर्चित टायर घोटाले के मामले में ऊना सदर थाने में एचआरटीसी मुख्यालय शिमला के मंडलीय प्रबंधक (डीएम) पर केस दर्ज किया गया।

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आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 में एफआईआर दर्ज की है। इसकी पुष्टि डीएसपी अशोक वर्मा ने की है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऊना में तत्कालीन मंडलीय प्रबंधक दलजीत सिंह तीन सदस्यीय फर्जी कमेटी बनाकर खुद उसका अध्यक्ष बन बैठा।

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यहां जानिए पूरा मामला

कमेटी में ऊना परिवहन निगम के ट्रैफिक मैनेजर दर्शन सिंह और अकाउंटेंट राजेश पाल को सदस्य बनाया। 23 मई, 2017 को दलजीत ने एचआरटीसी के किराएदार अशोक कुमार को मृत घोषित कर उसकी फर्जी सूचना विभाग के मुख्य कार्यालय शिमला को भेजी, जबकि ऊना बस अड्डे की दो दुकानों और एक कैंटीन का करीब 62 लाख रुपये उससे वसूलने को बकाया था।

परिवहन मजदूर संघ ने इस षड्यंत्र की लिखित शिकायत सरकार को दी। जांच में अशोक जिंदा पाया गया। दलजीत को गुमराह करने और निगम को लाखों का चूना लगाने के आरोप में 10 अगस्त, 2018 को निलंबित कर दिया। निगम के लाखों रुपये के टायर और स्पेयर पार्ट घोटाले में भी वह मुख्य आरोपी रहा है। मामले में शिमला में जीरो एफआईआर हुई थी, जिसे अब ऊना थाने में शिफ्ट कर दिया है।
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