पुलिस के मुताबिक , जून महीने में इन चार जिलों में सेना में खुली भर्ती का आयोजन किया गया। इसमें उम्मीदवार की उम्र 21 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। सभी आरोपियों ने फर्जी आयु प्रमाण पत्र बनाए और भर्ती देने के लिए पहुंच गए।
क्योंकि सभी आरोपियों की उम्र 21 साल से ज्यादा हो गई थी और वह भर्ती के लिए पात्र नहीं थे। आरोपियों ने सभी टेस्ट पास कर लिए। इससे पहले की उन्हें सेना में स्थायी नियुक्ति मिलती उससे पहले सेना ने सभी दस्तावेज जांचे जिसमें वह फर्जी पाए गए।
14 में से 8 युवकों ने 2014, 2015, और 2016 में भी सेना की भर्ती दी थी। सेना तीन साल का रिकार्ड अपने पास रखती है। इस रिकार्ड से ये आठ आरोपी फंस गए।
उधर, डीएसपी हैडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने कहा कि सेना की शिकायत के आधार पर 14 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।