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ठेकेदार ने साजिश रचकर कर्मचारी को दिए नकली नोट, मामला दर्ज

Mon, 21 Mar 2016 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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अस्पताल में सफाई ठेके के सुपरवाइजर ने इस साजिश को अंजाम दिया। - फोटो : अमर उजाला
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सीआईडी ने हिमाचल के सोलन में चार हजार रुपये की नकली करेंसी पकड़ी है। शातिरों ने बड़े शातिराना अंदाज से एक हजार के असली नोट को फाड़कर तीन टुकड़े किए और तीन नकली नोट के टुकड़े जोड़कर तीन हजार रुपये तैयार कर दिए। आरोपी सोलन अस्पताल में सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी का सुपरवाइजर बताया जा रहा है। कर्मचारी को उसने पगार में यह नोट दिए थे।
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इसकी शिकायत पुलिस में दी गई। लेकिन पुलिस में कार्रवाई न होने के बाद वह सीआईडी के पास गया और सीआइडी ने नोट बरामद करके मुकदमा दायर किया है। सीआईडी के मुताबिक शिकायतकर्ता रविंद्र पुत्र जोगिंद्र सिंह सुक्की जोहड़ी धर्मपुर ने शिकायत दर्ज करवाई कि वह सोलन अस्पताल में वह सफाई कर्मी है। वह ठेकेदार के अधीन काम करता है। उसकी 5100 रुपये पगार है।

लेकिन आरोपी सुपरवाइजर ने उसे 1-1 हजार के 4 नकली नोट पकड़ा दिए। इन नोटों के ऊपर के नंबर कुछ और नीचे कुछ और हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आपत्ति जताई तो सुपरवाइजर ने कहा कि यह नोट असली हैं। प्रभावित बाजार में नोटों को चलाने चला गया। लेकिन किसी ने नोट नहीं लिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत की। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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इसके बाद प्रभावित सीआईडी के कार्यालय गया जहां कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर वीरेंद्र चौहान ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर हिमांशु के अलावा कंपनी प्रबंधक भी जांच के दायरे में है। इस कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर विजय कुमार, एचसी राजकुमार, एचएचसी संजीव कुमार शामिल रहे।
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इस तरह जोड़े नोट

जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक नकली नोटों के तार शिमला से जुडे़ हैं। - फोटो : अमर उजाला
शातिरों ने पहले एक हजार के नोट के तीन टुकड़े किए। इसके बाद बड़ी चतुराई से नकली नोटों के भी इस तरह के टुकड़े किए। काफी होशियारी से नकली टुकड़ों को पेस्ट कर दिया गया। सीआईडी अधिकारियों के मुताबिक काम इतनी सफाई से किया गया है कि आम लोगों को पता नहीं चले।

जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक नकली नोटों के तार शिमला से जुडे़ हैं। यह ठेका एक निजी कंपनी ने लिया है। लिहाजा सीआईडी हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जल्द कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। हालांकि अभी तक सीआईडी आरोपी सुपरवाइजर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

एक लाख की करेंसी आई थी- गुप्तचर विभाग को सूचना है कि इस तरह की ठेकेदार के पास करीब एक लाख की करेंसी आई थी। इसमें कई फर्जी नोट शामिल होने का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि बड़ी चतुराई से अनपढ़ सफाई कर्मियों को जाली करेंसी उनके मेहनताने के एवज में पकड़ाते रहे। दावा है कि इस तरह की काफी करेंसी बाजार में चल चुकी है।
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