पुलिस मामला दर्ज कर फर्जीवाड़े में संलिप्त तथाकथित शातिरों और इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड का सुराग पता लगाने में जुट गई है। कई विभागीय कर्मचारी जांच की जद में आ सकते हैं। फर्जीवाड़े का रैकेट कहीं अन्य तहसीलों में तो नहीं है, इसकी जांच की जा रही है।
सीएमओ कार्यालय में नहीं रिकॉर्ड
जारी मेडिकल का सीएमओ कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं है। तहसील कल्याण विभाग गोहर के कार्यालय में एक ही क्षेत्र से अपंगता पेंशन को आए दस्तावेजों की जब जांच की तो तहसील कल्याण अधिकारी को संदेह होने पर करीब आधा दर्जन मेडिकल के बारे में कल्याण विभाग ने सीएमओ मंडी को मेडिकल प्रमाण पत्रों की पुष्टि करने को पत्र लिखा। जब सीएमओ कार्यालय मंडी से कोई रिकॉर्ड नही मिला तो स्वास्थ्य विभाग ने कल्याण विभाग को इसकी जानकारी दी।