पीड़ित महिला के पति की ट्रांसफर किस नेता की सिफारिश पर हुई है, इस दिशा में अब पुलिस जांच चल रही है।
प्रदेश सचिवालय के अलावा पुलिस ने संबंधित विभाग से रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला के पति का ट्रांसफर वारदात के कुछ दिन बाद 5 अप्रैल 2012 को कर दिया गया था।
पुलिस यह मानकर चल रही है कि इससे साबित हो रहा कि पीड़िता सही कह रही है कि वह पति के ट्रांसफर करवाने के लिए शिमला आई थी। ट्रांसफर ऑर्डर किसके लिखित आदेश पर हुआ है, इसकी कड़ियां पुलिस जोड़ रही है।
आरोपी पूर्व विधायक से फिलहाल पूछताछ नहीं
अप्राकृतिक यौनाचार के आरोप में फंसे पूर्व विधायक बलदेव शर्मा से सोमवार को थाने में पूछताछ नहीं हुई। वहीं,
पुलिस दावा कर रही है कि महिला को घर भेज दिया गया है।
मामला पुराना होने के कारण यह पुलिस की गले की फांस बना हुआ है। पुलिस को गवाह मिलना मुश्किल हो रहे हैं और जांच सांइटिफिक तरीके से आगे बढ़ रही है।श्
राजनीति से जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आने पर पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है। आरोपी पूर्व विधायक बलदेव शर्मा अंतरिम जमानत पर हैं।
पुलिस महकमे की ओर से अदालत में आरोपी की जमानत याचिका रद्द करने की अपील की गई है। इस पर फैसला प्रदेश उच्च न्यायालय में 16 अप्रैल को होगा।