कंपनी ने यह बैंक लोन अपनी फैक्ट्रियों में फर्जी उत्पादन व फर्जी दस्तावेज के जरिये हासिल किया था। साथ ही भारी भरकम टैक्स चोरी भी की थी। जिसके बाद सीआईडी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सीआईडी ने मामले की जांच में अभी तक कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार किया है। एक घोटाले में सीआईडी ने जांच पूरी कर अदालत में चलान पेश कर दिया है। इसमें कंपनी के तत्कालीन डीजीएम (अकाउंट) विवेक गुप्ता को आरोपी बनाया गया है।