एसडीएम कार्यालय ने शुरुआती तौर पर अपने स्तर पर मामले की जांच की। इसके बाद एसडीएम ने फर्जी लाइसेंस बनवाने जा रहे सभी लोगों को फोन के माध्यम से कार्यालय बुलाया। लेकिन इनमें से किसी भी व्यक्ति ने जांच में सहयोग नहीं किया।
इसके बाद सभी ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यहां कोई बड़ा रैकेट फर्जी लाइसेंस बनाने का काम कर रहा है।
फर्जीवाड़े के इस खेल में कार्यालय के कई कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है। फर्जीवाड़े की बात सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
ड्राइविंग टेस्ट के दौरान हर बार वीडियोग्राफी की जाती है।
प्रशासन का दावा है कि टेस्ट के दौरान रिकॉर्ड के तौर पर वीडियोग्राफी की जाती है। यदि इस वीडियोग्राफी को खंगाला जाता है तो पुलिस के हाथ कई पुख्ता सबूत लग सकते हैं।