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एसडीएम के फर्जी साइन कर बनाए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस, ऐसे हुआ खुलासा

Sat, 24 Aug 2019 08:29 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला में उपमंडलाधिकारी कार्यालय (शहरी) की लाइसेंस ब्रांच में करीब आधा दर्जन फर्जी तरीके से तैयार किए गए ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उपमंडलाधिकारी शहरी नीरज चांदला ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ा है। इसमें उनके साइन फर्जी पाए गए। एसडीएम की शिकायत पर सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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पुलिस को दी शिकायत में एसडीएम शहरी ने बताया कि जब वह लाइसेंस के फाइनल मंजूरी के लिए दस्तावेजों की जांच कर रही थीं तो उन्हें दस्तावेजों पर हुए अपने साइन फर्जी लगे। इसके बाद उन्होंने दूसरे दस्तावेज भी चेक किए। इसमें एक के बाद एक लगातार करीब छह लाइसेंसों पर उनके फर्जी साइन पाए गए। ये लाइसेंस मोटरसाइकिल और गाड़ी के लिए बनाए जा रहे थे।

मामला सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालय ने अपने स्तर पर इसकी जांच की और पाया गया कि करीब छह लाइसेंसों पर एसडीएम के फर्जी साइन हुए थे। हालांकि, इन सभी दस्तावेजों पर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के साइन पहले से हुए थे। इधर, पुलिस मुख्यालय शिमला के उप पुलिस अधीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि केस दर्जकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। तफ्तीश में यह पता लगाया जाएगा कि जाली लाइसेंस कैसे बनाए जा रहे थे?

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फर्जी दस्तावेजों पर एमवीआई के हो चुके थे साइन

एसडीएम कार्यालय ने शुरुआती तौर पर अपने स्तर पर मामले की जांच की। इसके बाद एसडीएम ने फर्जी लाइसेंस बनवाने जा रहे सभी लोगों को फोन के माध्यम से कार्यालय बुलाया। लेकिन इनमें से किसी भी व्यक्ति ने जांच में सहयोग नहीं किया।

इसके बाद सभी ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यहां कोई बड़ा रैकेट फर्जी लाइसेंस बनाने का काम कर रहा है।

फर्जीवाड़े के इस खेल में कार्यालय के कई कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है। फर्जीवाड़े की बात सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
ड्राइविंग टेस्ट के दौरान हर बार वीडियोग्राफी की जाती है।

प्रशासन का दावा है कि टेस्ट के दौरान रिकॉर्ड के तौर पर वीडियोग्राफी की जाती है। यदि इस वीडियोग्राफी को खंगाला जाता है तो पुलिस के हाथ कई पुख्ता सबूत लग सकते हैं।
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