रामपुर के खनेरी में बीते शनिवार को निजी अस्पताल में पत्थरी के मरीज का ऑपरेशन करने वाले सरकारी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय टीम भी गठित की है। यह टीम सोमवार को मामले की छानबीन करेगी और निजी अस्पताल का मुआयना भी करेगी।
आरोप है कि निजी अस्पताल में पूरी सुविधा न होने के बावजूद सरकारी डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया, जिससे मरीज की मौत हो गई। सीएमओ शिमला डॉ. रंजना रॉव ने बताया कि डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम में डिप्टी डायरेक्टर, सर्जरी और निश्चेतन विभाग के डॉक्टरों को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल के ओटी में कमी पाई जाती है तो अस्पताल को सील कर मान्यता रद्द भी की जा सकती है। उधर, सीपीएस नंद लाल ने कहा कि आरोपी डॉक्टर को निलंबित किया जाएगा। पुलिस को भी सख्त कार्रवाई करने के लिए आदेश दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि रिकांगपिओ के खवांगी गांव के नरेंद्र सिंह (60) क्षेत्रीय अस्पताल खनेरी में इलाज करवा रहे थे। ऑपरेशन के लिए डॉक्टर इन्हें मई महीने की तारीख दे रहे थे। जल्द ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने इन्हें निजी क्लीनिक का पता दिया।
27 हजार रुपये लेकर बीते शुक्रवार देर रात सरकारी डॉक्टर ने खुद निजी क्लीनिक में नरेंद्र का ऑपरेशन किया। लेकिन शनिवार तड़के नरेंद्र की हालत बिगड़ गई और करीब छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया था।