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बुरे फंसे धूमल, राज्यपाल ने दी अभियोजन मंजूरी

Wed, 02 Apr 2014 11:30 PM IST
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला
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एचपीसीए मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ केस चलेगा। राज्यपाल उर्मिला सिंह ने बुधवार को उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी।
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मंगलवार सुबह कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा इस मंजूरी के लिए राजभवन गए थे। धूमल पर मुख्यमंत्री पद के दुरुपयोग का मामला चलेगा।

सांसद एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर इस केस में बिना अभियोजन मंजूरी लिए आरोपी बनाए जाएंगे।

विजिलेंस ने तर्क दिया है कि मामला वर्ष 2002 का है और तब अनुराग ठाकुर सांसद नहीं थे।

चालान में 33 लोगों के नाम

इस केस में आरोपी बनाए गए आईएएस और एचएएस अफसरों के खिलाफ भी राज्य सरकार ने अपने स्तर की अभियोजन मंजूरी दे दी है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक सानन, डीसी बिलासपुर अजय शर्मा और एडीसी मंडी गोपाल चंद के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में केस चलाने की मंजूरी मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग की फाइल पर दे दी है।

आईएएस के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए भारत सरकार से मंजूरी मांगी गई है। अब विजिलेंस कभी भी चालान कोर्ट में पेश कर सकती है।

इस केस में एचपीसीए पर 1 अगस्त 20013 को आईपीसी की धारा 406, 420 और 120 बी तथा पीसी एक्ट की धारा 13(2) के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

चालान में एचपीसीए पदाधिकारियों को मिलाकर कुल 33 आरोपी एवं सह-आरोपी बनाए गए हैं।
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अफसरों की चिंता नजरअंदाज

एचपीसीए केस में सरकार ने आईएएस और एचएएस अफसरों की एसोसिएशन के ज्ञापन को भी नजरअंदाज कर दिया।

दोनों ने सरकार से आग्रह किया था कि इस तरह की कार्रवाई के बाद कौन अफसर भविष्य में फैसले लेगा? बुधवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव ने कुछ सीनियर आईएएस से बैठक कर उनके ज्ञापन को फिलहाल रोके रखने को कहा।

अब कोर्ट जा सकते हैं धूमल

कोर्ट में चालान पेश होने की संभावना को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल अब कोर्ट जा सकते हैं। कानूनी विकल्पों पर विचार चल रहा है। एचपीसीए की ओर से भी आवेदन कोर्ट में दायर हो सकता है।

हाईकोर्ट में सरकार ने कहा है कि 7 अप्रैल से पहले चालान पेश नहीं होगा। लेकिन ये चर्चा भी है कि 7 अप्रैल को अब केस की सुनवाई नहीं होगी।
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