उपडाकघर पालमपुर में हुए करोड़ों के इंश्योरेंस घोटाले में कृषि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। इसको लेकर सीबीआई जल्द ही कृषि विश्वविद्यालय के स्टाफ से पूछताछ कर सकती है। केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच में पता चला है कि कर्मचारियों की इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए जारी होने वाले चेक विवि की ओर से ‘अनक्रॉस्ड’ जारी किए गए।
इसी वजह से आरोपी तत्कालीन उप डाकघर के अधिकारी विनोद कुमार ने इन चेक को बैंक से कैश करवा लिया, जबकि सरकार के नियमों के मुताबिक सरकार के ज्यादातर चेक क्रॉस्ड होने चाहिए, जिनकी रकम खाते में ही आ सकती है। लेकिन विवि की तरफ से इस संबंध में बड़ी लापरवाही बरती गई है। इस वजह से वर्ष 2015 से 2018 के बीच तत्कालीन अधिकारी कर्मचारियों के करीब 1,38,42,840 रुपये निकलवाने में कामयाब हो गया है।
नियमों के मुताबिक हर महीने कर्मचारियों की सेलरी से कटने वाले पीएलआई के पैसों को चेक के माध्यम से उप डाकघर में जमा करवाया जाता है। इसके साथ संबंधित कर्मचारियों की सूची भी होती थी। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक इसके साथ ही एसबीआई बैंक के कर्मचारियों से भी मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। जिससे की मामले में बैंक की कार्यप्रणाली की जांच भी हो सके।