फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुराचार के दो दोषियों को 10 साल का कठोर कारावास, इतना जुर्माना भी लगाया

Tue, 13 Mar 2018 09:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर बुशहर
विज्ञापन
विज्ञापन

सामूहिक दुराचार के दो दोषियों को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सामूहिक दुराचार के आरोप में दोष साबित होने पर दो व्यक्तिओं को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 

विज्ञापन


पीड़िता निवासी बाड़ा ने 25 अक्तूबर 2010 को थाना झाकड़ी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका पति सेब की कटाई करने के लिए किन्नौर गया था। उसके दो बच्चे अपनी नानी के घर गए थे। 23 अक्तूबर 2010 को वह अकेली घर में थी और टीवी देखते अचानक बिजली चली गई। 

महिला ने लाइट चेक करने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला तो कैलाश चंद और अमर सिंह उसके कमरे में आए और उसके साथ दुराचार किया। दोनों ने महिला को धमकाया कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो जान से मार देंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यहां जानिएं क्या है पूरा मामला

पीड़िता के ब्यान के आधार पर 25 अक्तूबर 2010 को मुकदमा नंबर 129/10 की धारा 452, 376, 323, 506 आईपीसी के तहत थाना झाकड़ी में दर्ज हुआ था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया था। पीड़िता के घर से दोषियों द्वारा काटी गई बिजली की तार को भी कब्जा में लिया था।

इस मामले में 12 गवाहों के ब्यान कलम बंद करवाए। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया की आरोपी कैलाश चंद उर्फ लाशी पुत्र बीर सिंह उर्फ तेलु निवासी नाल्तु (कोठी) डाकघर धार गौरा, तहसील रामपुर और अमर सिंह उर्फ अमरू पुत्र छोटे लाल निवासी चनोटी (डोबी) तहसील

रामपुर, जिला शिमला ने पीड़िता के घर में अनाधिकृत प्रवेश कर उसके साथ सामूहिक रूप से दुराचार किया, साधारण चोट पहुंचाई और उसे जान से मारने की धमकी दी। दोषियों को 10 वर्ष का कठोर कारावास, घर में अनाधिकृत प्रवेश करने के लिए दो वर्ष का साधारण कारावास, उसे साधारण चोट पहुंचाने के लिए

तीन महीने के साधारण कारावास और उसे जान से मारने की धमकी देने के लिए तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत, दोनों दोषियों को कुल 24000 रुपये जुर्माना अदा करने के भी आदेश दिए।

जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषियों को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश भी दिए। अदालत ने जुर्माना शशि पीड़िता को बतौर हर्जाना अदा करने के आदेश भी दिए। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी रामपुर कुलभूषण गौतम ने की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें