पीड़िता के ब्यान के आधार पर 25 अक्तूबर 2010 को मुकदमा नंबर 129/10 की धारा 452, 376, 323, 506 आईपीसी के तहत थाना झाकड़ी में दर्ज हुआ था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया था। पीड़िता के घर से दोषियों द्वारा काटी गई बिजली की तार को भी कब्जा में लिया था।
इस मामले में 12 गवाहों के ब्यान कलम बंद करवाए। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया की आरोपी कैलाश चंद उर्फ लाशी पुत्र बीर सिंह उर्फ तेलु निवासी नाल्तु (कोठी) डाकघर धार गौरा, तहसील रामपुर और अमर सिंह उर्फ अमरू पुत्र छोटे लाल निवासी चनोटी (डोबी) तहसील
रामपुर, जिला शिमला ने पीड़िता के घर में अनाधिकृत प्रवेश कर उसके साथ सामूहिक रूप से दुराचार किया, साधारण चोट पहुंचाई और उसे जान से मारने की धमकी दी। दोषियों को 10 वर्ष का कठोर कारावास, घर में अनाधिकृत प्रवेश करने के लिए दो वर्ष का साधारण कारावास, उसे साधारण चोट पहुंचाने के लिए
तीन महीने के साधारण कारावास और उसे जान से मारने की धमकी देने के लिए तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत, दोनों दोषियों को कुल 24000 रुपये जुर्माना अदा करने के भी आदेश दिए।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषियों को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश भी दिए। अदालत ने जुर्माना शशि पीड़िता को बतौर हर्जाना अदा करने के आदेश भी दिए। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी रामपुर कुलभूषण गौतम ने की।