पूछताछ में सतीश ने बताया कि साधू जिसने अपना नाम विष्णुनाथ बनाया था, तीन दिन से उसके साथ रह रहा था। रविवार रात्रि को सतीश और साधू ने भांग के साथ शराब भी पी।
किसी बात को लेकर सतीश और साधू में विवाद हो गया। सतीश ने साधू को चिमटे और डंडे से प्रहार कर दिया। गंभीर चोट लगने से साधू की मौत हो गई। फिर सतीश ने साधू के शव को घसीटकर गांव के नजदीक झाड़ियों में फेंक दिया।
थानाध्यक्ष रवींद्र सिंह ने बताया कि सतीश के घर पर खून के निशान भी मिले हैं। सतीश नशेड़ी प्रवृत्ति का है, इसी वजह से उसकी मां भी उससे अलग नगर में कहीं और किराए के मकान में रहती है। सतीश अविवाहित है और घर में अकेला रहता है। मृतक साधू की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है।