मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साले के बेटे अकांश की पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। अकांश की मौत की वजह सड़क हादसा नहीं बल्कि हत्या बताई जा रही है। बीते वीरवार सुबह 5 बजे चंडीगढ़ सेक्टर-9 में दो युवकों ने बीएमडब्ल्यू कार से अकांश को पहले टक्कर मारकर सड़क पर गिरा दिया फिर टायर चढ़ाकर उसके सिर को बुरी तरह कुचल दिया।
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डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल ने बताया कि अकांश की मौत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार सोलन निवासी अकांश सेन सेक्टर 9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के सेक्टर 9 स्थित मकान नंबर 165 में रहते थे।
अकांश ने पार्टनरशिप में सेक्टर 9 में बूम बॉक्स कैफे करीब एक महीने पहले खोला था। उसी समय से अकांश ने शहर में नियमित रहना शुरू किया था। बीते वीरवार रात को घर में पार्टी में रखी थी, जिसमें दोनों आरोपी फरीद सिंह और बलराज सिंह रंधावा भी आए थे। अकांश के साथ वहीं पर रहने वाला शेरा भी पहुंचा था।
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बीएमडब्लू से रौंद डाला सिर
पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में पुरानी किसी बात पर बहस हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया, जिसके बाद अकांश सेन और उसका भाई अदम्य सिंह वहां से सेक्टर 18 आ गए। सुबह पांच बजे अकांश ने एक दोस्त करन को सेक्टर 18 बुलाया और सेक्टर 9 दोबारा देखने पहुंच गए कि कोई झगड़ा तो नहीं हुआ।
उनको वहां देखते ही बलराज सिंह गुस्से में आ गया और अकांश से कहा कि ‘तू ज्यादा शेरा का बॉडी गार्ड बना फिरता है’। यह कहते हुए वह बीएमडब्लू कार में बैठ गया और उसके साथ फरीद बैठा हुआ था। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्लू कार अकांश पर चढ़ा दी। एक बार टक्कर मारने के बाद कार से दोबारा उसके सिर को रौंदते हुए दोनों फरार हो गए।
पुलिस ने छान रही चप्पा-चप्पा
पास ही उसका भाई अदम्य और दोस्त खड़े थे। उन्होंने अकांश को तुरंत पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया। पुलिस ने अदम्य की शिकायत पर दोनों पर पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया और अकांश की मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ दी। पुलिस वीरवार से ही दोनों की तलाश में पंजाब के लुधियाना, पटियाला, सोहाना, लांडरा सहित दर्जन भर जगहों पर छापे मार चुकी है लेकिन दोनों का
कुछ पता नहीं चला। बता दें कि वीरवार सुबह से ही कोमा में चल रहे अकांश सेन ने शुक्रवार शाम को पीजीआई में अंतिम सांसें लीं। अकांश की हालत नाजुक बनी हुई थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। शनिवार को सोलन के कुठाड़ में अकांश का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अकाली नेता को बचा रही है पुलिस
सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने यूटी पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। विक्रमादित्य ने कहा कि पुलिस अकाली दल के नेता फरीद सिंह राड़ेवाल को बचाने में लगी हुई है। फरीद सिंह राडे़वाल प्राइम मिनिस्टर ऑफ पटियाला ईस्ट स्टेट रहे ज्ञान सिंह राडे़वाल का पड़पोता है। ज्ञान सिंह राड़ेवाल कैरों सरकार में मंत्री भी रहे थे।
उत्तराखंड दौरे से लौटे वीरभद्र
भतीजे की मौत की खबर के बाद हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी उत्तराखंड का दौरा बीच में छोड़कर लौट आए हैं। वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटा विक्रमादित्य वीरवार को ही पीजीआई पहुंच गए थे। वहीं हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुमार भी पीजीआई पहुंच गए हैं।
पुलिस पर छोड़े दिए कुत्ते
डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल ने बताया कि अकांश की मौत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरवार को पुलिस पार्टी जब आरोपियों को पकड़ने के लिए लुधियाना गई थी तो दो पुलिसकर्मियों पर कुत्ते छोड़े गए। मगर पुलिसकर्मियों ने इसकी शिकायत नहीं दी है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस टीम को रेड करते वक्त पूरी सावधानी बरतनी चाहिए थी। अंदर कुछ भी हो सकता था।
पीजीआई में अतिरिक्त सिक्योरिटी गार्ड और पुलिसकर्मी करने पड़े तैनात
जैसे ही शुक्रवार शाम को डॉक्टरों ने अकांश सेन को मृत घोषित किया, पीजीआई के बाहर उसके माता-पिता, भाइयों और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हिमाचल से भी उनके रिश्तेदार पहुंचने लगे। पीजीआई ट्रॉमा सेंटर के बाहर रिश्तेदारों और दोस्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के बाहर पीजीआई प्रशासन ने अतिरिक्त सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया। वहीं अकांश की मौत के बाद सेक्टर 9 में उनके कैफे बूम बॉक्स को भी बंद कर दिया गया।
कुठाड़ रियासत ने खोया अपना अंतिम चिराग
जिला सोलन की कृष्णगढ़ रियासत का अंतिम चिराग बुझ गया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में सड़क हादसे में घायल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के भाई अरुण सेन के बेटे की अकांश सेन ने दम तोड़ दिया। करीब 15 साल पहले इसी शाही परिवार ने करनाल-दिल्ली नेशनल हाईवे पर 14 वर्षीय बेटे को खो दिया था। अब परिवार में इकलौती बेटी बची है। जिसका विवाह मध्य प्रदेश में हुआ है। शनिवार दोपहर ढाई बजे पैतृक गांव कुठाड़ में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
28 साल के इस युवा की मौत से हर कोई स्तब्ध है। हादसे ने पिता और मां निमी सेन के अपने इकलौते चिराग के विवाह के सपने को भी अधूरा छोड़ दिया। अकांश की शिक्षा पाइनग्रोव स्कूल में हुई है। उनके शिक्षक देवेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि आकांक्ष बचपन से ही काफी होनहार था। 2006 में वह हेड ब्वाय रहा। अंग्रेजी में उसकी बेहतरीन पकड़ थी। वाद-विवाद प्रतियोगिता में उसका कोई मुकाबला नहीं था।
15 साल पूर्व 14 साल के बेटे को पहले ही सड़क हादसे में खो दिया था
जमा दो की पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड से 96 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण की। कुठाड़ रियासत के वंशज अरुण सेन ने अपने बड़े बेटे स्वर्गीय सिद्धार्थ सेन के नाम से कृष्णगढ़ में एक निजी स्कूल भी चलाया है। जहां वह क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देकर उनका भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साले अरुण सेन उनके बेहद खास माने जाते हैं। मौजूदा समय में हिमाचल सरकार के हिम ऊर्जा विभाग में उन्हें निदेशक मनोनीत किया गया है। इससे पूर्व भी वह कांग्रेस की सरकार में उद्योग विभाग के निदेशक रह चुके हैं। जिला परिषद सोलन में जनप्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे अरुण सेन उपाध्यक्ष रहे हैं। बीडीसी धर्मपुर में वह चेयरमैन रहे हैं। इसके अलावा दो दफा पंचायत प्रधान और कांग्रेस पार्टी की जिला सोलन कमेटी के प्रधान भी रहे हैं।