औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भोरंज में सीमेंट के गोलमाल का मामला उजागर हुआ है। सीआईडी हमीरपुर की टीम को दबिश के दौरान सरकारी सीमेंट के 97 बैग गायब मिले। कमरे में रखे सीमेंट के 100 बैग खराब हो चुके हैं, जो इस्तेमाल नहीं लाए जा सकते।
सीआईडी ने आईटीआई प्रिंसिपल के खिलाफ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने, पब्लिक प्रॉपर्टी को नष्ट करने और लापरवाही का मामला दर्ज किया किया है। आईटीआई भोरंज को भवन निर्माण के लिए दिसंबर 2013 में 600 सीमेंट बैग जारी हुए थे।
मई 2014 को प्रबंधन ने ठेकेदार को 403 बैग काम के लिए दिए। इसके बाद कुल 197 बैग बच गए। विशेषज्ञों के मुताबिक, निर्माण के छह माह बाद सीमेंट की 50 फीसदी स्ट्रेंथ कम हो जाती है। ऐसे में सप्लाई पहुंचने के 5 माह बाद ठेकेदार को 403 बैग देना भी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
100 बैग खराब हो चुके हैं, शेष 97 बैग कहां गए, इसकी छानबीन शुरू कर दी गई है। सीआईडी टीम के इंचार्ज प्रताप सिंह ने बताया कि टीम ने सीमेंट को कब्जे में ले लिया है। आईटीआई से मौके पर 100 बैग बरामद हुए हैं। शेष 97 बैग गायब हैं, इसकी छानबीन की जा रही है।
प्रिंसिपल रविंद्र बन्याल का कहना है कि ठेकेदार ने समय पर काम नहीं किया है। इससे सीमेंट खराब हुआ है। गायब सीमेंट बैग के बारे में संबंधित आर्टिटेक्ट से बात करके ही कुछ बताया जा सकता है।