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टेक्नोमैक घोटालाः कंपनी सीज होने के बाद भी जलाए गए दस्तावेज

Fri, 30 Mar 2018 10:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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इंडियन टेक्नोमैक जगतपुर घोटाले में सीआईडी ने एक और सनसनीखेज खुलासा किया है। सीआईडी की जांच में पता चला है कि कंपनी को सीज करने के बाद भी कई दस्तावेज जलाए गए। जबकि कंपनी सीज होने से पहले भी बिलों को आग के हवाले किया गया था।

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ऐसे में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना और प्रबल हो रही है।जांच में पता चला है कि कंपनी पर जांच की तलवार लटकने व कंपनी सीज करने की आशंका के बाद से दस्तावेजों को नष्ट करने का सिलसिला शुरू हो गया था।

 बताया जा रहा है कि आबकारी एंव कराधान टीम द्वारा करीब 2100 करोड़ टैक्स घपले को उजागर करने के बाद इकाई प्रबंधन अलर्ट हो गया था। इसके बाद एक-एक कर जाली दस्तावेजों को जलाने का खेल शुरू हो गया।

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अधिकारी व कर्मचारी भी सबूत मिटाने में जुट गए थे

चोरी छिपे इकाई प्रबंधन के कुछ अधिकारी व कर्मचारी भी सबूत मिटाने में जुट गए थे। अक्तूबर 2014 को कंपनी सीज हो गई। जांच टीम द्वारा मौके से जुटाए जा रहे साक्ष्यों से पता चला है कि इकाई सीज होने के कुछ माह बाद तक दस्तावेजों को इकाई के भीतर जलाने का सिलसिला चलता रहा।

स्थानीय सीआईडी टीम द्वारा अवैध रूप से स्क्रैब ट्रक पकड़ने के बाद इकाई परिसर में आबकारी के चौकीदारों के साथ होमगार्ड की भी तैनाती हुई। जिसके बाद इकाई परिसर में स्क्रैब चोरियों व दस्तावेज जलाने का सिलसिला रोका जा सका।

इंडियन टेक्नोमैक कंपनी घोटाले में गिरफ्तार आरोपी विनय शर्मा से भी जांच टीम ने गहन पूछताछ की थी। जिसमें काफी जानकारियों व सबूतों को जुटाया है। अब इकाई के दस्तावेजों को नष्ट करने वालों की गिरफ्तारियों की तैयारी चल रही है।

जांच प्रभावित न हो, इसलिए अभी टीम इसमें ज्यादा खुलासा नहीं कर रही। उधर, डीआईजी सीआईडी(क्राईम) विनोद कुमार धवन ने कहा कि इस मामले
में कई जांच टीमें गठित होंगी। कुछ और गिरफ्तारियां होना भी संभावित है।
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