मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 युवकों से बड़ा धोखा हो गया। युवकों ने सोचा भी नहीं था कि उन्हें ऐसा काम भी करना पड़ेगा। कंपनी में बड़े अधिकारी की नौकरी दिलाने की बजाए इन युवकों से कुली का काम करवाया गया। यही नहीं, हिमाचल के मंडी जिले के रहने वाले ये युवक अब और बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं।
कोटली घाटी के रहने वाले ये दस बेरोजगार युवा कबूतरबाजों की ठगी का शिकार होकर मलेशिया में फंस गए हैं। कबूतरबाजों ने मलेशिया भेजने के नाम पर प्रति युवक डेढ़-डेढ़ लाख रुपये वसूले थे। अब इनके पास लौटने के लिए न तो पैसे हैं और न ही वैध दस्तावेज।
अब इनके परिजन भी चिंतित हैं। वीरवार को मंडी में परिजनों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर मदद की गुहार लगाई है। परिजन प्रशांत, नेक राम, दुर्गा सिंह, हरीश कुमार, यादव सिंह, हुकम चंद, अति देवी, मीरा देवी, सीमा देवी, इंद्रा देवी, दमा देवी, मुरारी लाल और संजीव ने डीसी संदीप कदम को ज्ञापन भी सौंपा है।
मलेशिया में करवाया ये काम
कहा गया है कि कोटली के कुश्मल गांव के देवी राम ने नौजवानों का संपर्क पंजाब बटाला के मोहन सिंह से करवाया था। देवी राम ने बेरोजगार युवाओं को मलेशिया में आकर्षक वेतन के साथ नौकरी दिलाने का लालच दिया।
झांसे में आकर मार्च 2015 में मलेशिया चले गए। लेकिन शातिरों ने उन्हें टूरिस्ट वीजा के तहत विदेश भेजा है। अब इसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। उक्त युवकों को दो बैच के माध्यम से मलेशिया ले जाया गया था। मलेशिया में इनसे कुली का काम करवाया गया।
तय वेतन का चौथा हिस्सा भी नहीं दिया। उनके साथ मारपीट करके जबरन काम भी करवाया गया। हालात भांपकर सभी दस युवाओं ने भागकर भारतीय दूतावास में शरण ली है। डीसी कदम ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मलेशिया में कोटली क्षेत्र के देवेंद्र कुमार, जीवन लाल, देश राज, सुरेंद्र पाल, प्रदीप कुमार, नारायण दास, जय कुमार, धनी राम, रूप सिंह और कमल पठानिया फंसे हुए हैं।