सांसद वीरेंद्र कश्यप के पैसों के लेन-देन की बहुचर्चित वीडियो सीडी मामले में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी चंडीगढ़ ने अपनी रिपोर्ट दी कि सीडी में सांसद ही हैं। विजिलेंस की मानें तो सीडी में दर्ज आवाज सांसद की ही थी इसी पुष्टि हुई है।
सीडी में कोई काट छांट नहीं हुई है। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कर शिमला संसदीय सीट के भाजपा सांसद से एसपी कार्यालय में पूछताछ हुई। विजिलेंस ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर 6 मार्च 2014 को एफआईआर दर्ज की थी।
अब इस कड़ी में विजिलेंस ने सांसद को मामले से जुड़ी प्रश्नावली थमा दी। दस दिन के भीतर इन सवालों के जवाब देने को कहा गया है।
वीरेंद्र कश्यप दिल्ली रवाना
उधर, तफ्तीश में शामिल होने के बाद सांसद वीरेंद्र कश्यप दिल्ली रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा यह सब मेरे खिलाफ साजिश है। यह कैसी फोरेंसिक रिपोर्ट है जिसमें मेरी आवाज का सैम्पल तक नहीं लिया गया।
वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले किए गए स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर पूर्व भाजपा सरकार के समय में भी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
पूर्व भाजपा सरकार ने वीडियो सीडी को चैनल पर दिखाने के बाद 5 फरवरी 2010 को पुलिस की एक स्पेशल जांच टीम का गठन किया था। इस टीम ने 2 मार्च 2010 को अपनी रिपोर्ट दी थी। इसी दौरान लोकसभा के चुनाव हुए और कश्यप सांसद बन गए। एसआईटी टीम ने जांच के बाद कश्यप के पक्ष में रिपोर्ट दी थी।
विजिलेंस ने दी प्रश्नावली
सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्हें प्रश्नावली दी गई है। इसका वह जवाब देंगे। यह पूरा केस ही गलत है क्योंकि जब केस दर्ज हुआ तब मैं पब्लिक सर्वेंट नहीं था। पैसे का लेन देन बताना राजनीति से प्रेरित है। इस मामले में मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
हां हुई है पूछताछ : एसपी
मामले में जांच अफसर और पुलिस अधीक्षक शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि सांसद वीरेंद्र कश्यप से पूछताछ हुई है। उन्हें प्रश्नावली दी गई है। इसका जवाब देने के लिए कहा गया है। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं कह सकते, मामले की तफ्तीश जारी है।