4300 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित टेक्नोमैक घोटाले की जांच में जुटी सीआईडी के लिए अब कंपनी के एमडी राकेश कुमार शर्मा के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने में मुश्किल खड़ी हो गई है।
सीआईडी ने सीबीआई के जरिये इंटरपोल से नोटिस के लिए संपर्क किया था, जिस पर इंटरपोल ने गैर जमानती वारंट होने पर नोटिस जारी करने की बात कही थी। कोर्ट से टेक्नोमैक के दोनों मामलों में वारंट तो जारी कर दिया, लेकिन वह सिर्फ अगस्त तक का है।
वारंट की मियाद की वजह से ही अब इसमें पेच फंस गया है। सीबीआई का कहना है कि अगर वारंट तय तारीख तक का रहा तो जारी होने वाला रेड कॉर्नर नोटिस भी उस तारीख के बाद अमान्य हो जाएगा।
उधर, कोर्ट ने जांच एजेंसी से दस्तावेज पेश करने को कहा है जिसके आधार पर अघोषित तिथि तक के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया जा सके। सीआईडी सूत्रों की मानें तो सीबीआई से सीआईडी ने संपर्क साधा है।
अब अगर सीबीआई फौरी तौर पर अगस्त तक रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा देती है और लिखित में अघोषित तिथि तक के वारंट की मांग करती है तो उसे कोर्ट में पेश कर लंबी अवधि का वारंट लिया जा सकता है।