दूरदर्शन शिमला में लाखों की रॉयल्टी आवंटन को लेकर सीबीआई ने बुधवार को पूर्व निदेशक सहित चार अधिकारियों से पूछताछ की है। सीबीआई की टीम ने पूछताछ के दौरान आवंटन में बरती गई अनियमितताओं सहित झूठी जानकारी मुहैया करवाने जैसे आरोपों को लेकर सवाल जवाब किए हैं।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने पूर्व में की गई छापामारी के दौरान लिए गए दस्तावेजों के आधार पर एकत्रित तथ्यों को भी चारों के सामने रखा। सीबीआई ने कई घंटों चारों से पूछताछ की। इसमें पूर्व निदेशक सहित एक महिला अधिकारी और दो कर्मचारी शामिल हैं।
बुधवार को सीबीआई के चार अधिकारियों ने घंटों कार्यालय में जांच के दायरे में आए सभी लोगों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान जांच संबंधित कुछ दस्तावेजों को भी खंगाला गया। माना जा रहा है कि अगर अधिकारी जांच में सहयोग नहीं देते हैं तो आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
हालांकि सीबीआई के अधिकारी जांच प्रभावित होने की बात कहकर इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। सीबीआई ने रॉयल्टी आवंटन में अनियमितताओं की जांच करते हुए जुलाई 2016 में केस दर्ज किया था। इसमें पूर्व निदेशक सहित तीन अफसरों के खिलाफ एफआईआर कायम की गई थी।
प्रारंभिक जांच के बाद इसमें आपराधिक षड्यंत्र, झूठी जानकारी देने सहित कई धाराओं के तहत सीबीआई शिमला ने जांच शुरू की थी। आरोप है कि दूरदर्शन केंद्र शिमला ने ऐसे डिस्ट्रीब्यूटर को कार्यक्रम प्रसारण की अनुमति दे दी, जिसके पास इसके अधिकार ही नहीं थे। दूरदर्शन केंद्र शिमला कई वर्षों तक एक विशेष डिस्ट्रीब्यूटर पर मेहरबान रहा और नियमों को दरकिनार कर उसे ही कार्यक्रम प्रसारण के लिए अधिकृत किया जाता रहा। इसके एवज में उसे लाखों रुपये की रॉयल्टी दी गई।