इसके बाद पता चला कि पांवटा से पहुंचे 88500 के नोट नकली हैं। आरबीआई की ओर से इसका डाटा एनसीआरबी की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। इसके बाद बैंक प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, यह पुलिस की जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बैंक के पास जाली करंसी कैसे आई। यदि पुरानी करंसी को लोगों ने बैंक में जमा किया था तो बैंक ने करंसी की जांच क्यों नहीं की? यही नहीं, बैंक के पास जाली करंसी को जमा करने वाले का ब्योरा है या नहीं, यह बात भी जांच में ही साफ होगी।
बहरहाल, पुलिस ने आरबीआई की शिकायत पर बैंक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। मामले की पुष्टि एएसपी सिरमौर वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने की है। उन्होंने बताया कि आरबीआई की ओर से उन्हें शिकायत मिली है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।