रैली निकालते हुए सीटू वर्कर यूनियन।
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शौंगटोंग-कड़छम विद्युत परियोजना में धारा 144 लगाने का रविवार को जोरदार विरोध किया गया। सीटू वर्कर यूनियन के मजदूरों ने धारा 144 का उल्लंघन करते हुए रैली निकाल कर डीसी किन्नौर सहित कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। रविवार को तीनों मजदूर संगठनों के सैकड़ों कामगारों ने रल्ली पुल से पोवारी स्थित परियोजना डैम साइट तक विशाल रैली निकाल कर श्रम कानून को लागू करने और धारा 144 को हटाने की मांग की।
धारा 144 तोड़ने पर यूनियन के 17 मजदूरों के खिलाफ मामले दर्ज किए। सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम, उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी आदि ने कहा कि पटेल कंपनी और अन्य ठेकेदारों द्वारा श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। श्रमिकों को समय पर मजदूरी नहीं देने के साथ-साथ कई मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही।
यहां तक की निर्धारित अवधि से अधिक काम करवाने के बाद मजदूरों को ओवरटाइम का पैसा भी नहीं दिया जा रहा। अब जब कामगार सीटू के बैनर तले अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, तो डीसी किन्नौर धारा 144 लगा कर मजदूरों की आवाज को दबा रहे है। उन्होंने
कहा कि जब तक परियोजना में कार्यरत सभी मजदूरों को श्रम कानून के तहत अधिकार नहीं दिए जाते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हर दिन धारा 144 को तोड़ा जाएगा। धारा 144 लगाए जाने के साथ ही सीटू मजदूर संघ के निशाने पर डीसी किन्नौर भी आ गए हैं। सीटू ने कहा कि उपायुक्त को मजदूरों का पक्ष लेना चाहिए।