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मोबाइल हेल्थ टीम से दुर्व्यवहार पर चौकी प्रभारी पर केस दर्ज

Wed, 20 May 2020 07:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, केलांग (लाहौल-स्पीति)
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लाहौल-स्पीति में कोविड-19 के अग्रणी कर्मवीरों से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। दुर्व्यवहार करने वाला खुद एक पुलिस अधिकारी है। पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद मोबाइल हेल्थ टीम ने भविष्य में किसी भी संदिग्ध के सैंपल लेने से इंकार किया है। इससे जनजातीय जिला में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे अभियान को झटका लग सकता है। 

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उपायुक्त को दिए शिकायत पत्र में मोबाइल हेल्थ टीम के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि जाहलमा पुलिस चौकी प्रभारी जिला कांगड़ा से हाल ही में लाहौल पहुंचा है। मोबाइल हेल्थ टीम के तीन लोग पुलिस अधिकारी का सैंपल लेने जाहलमा पहुंचे। पुलिस अधिकारी ने मेडिकल टीम से दुर्व्यवहार किया। पुलिस अधिकारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया। उपायुक्त ने एसपी को तुरंत हस्तक्षेप के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपायुक्त को स्पष्ट किया कि जब तक उक्त पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनकी टीम कोई सैंपल एकत्रित नहीं करेगी। उधर, उपायुक्त केके सरोच ने शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि की है। पुलिस अधीक्षक राजेश धर्माणी ने कहा कि पुलिस अधिकारी को स्वेच्छा से अपना सैंपल देना चाहिए था। पुलिस अधिकारी के खिलाफ केलांग पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। 

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एक दिन संस्थागत क्वारंटीन कर तीन लोगों को घर भेजने का आरोप

वहीं हमीरपुर जिले के कोरोना संक्रमित युवक के रिश्तेदार की ओर से प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। यह युवक 12 मई को अपने भाई और भाभी के साथ लौटा था। एक दिन संस्थागत संगरोध में रखने के  बाद अगले दिन सरकारी गाड़ी उसे वापस घर पहुंचा दिया। युवक के रिश्तेदार ने तत्कालीन उच्च अधिकारी पर सवाल खड़े किए हैं। अपने वीडियो में उन्होंने बताया कि 12 मई को उनके दो भतीजे और एक बहू मुंबई से घर लौटे थे।

13 मई को प्रशासन ने इन तीनों को ही सेरा विश्राम गृह भेज दिया। उन्होंने बताया कि 13 मई शाम के समय जब वह घर पर ही थे तो एक सरकारी वाहन संगरोध किए गए इन तीनों को उनके घर तक छोड़ गया। जबकि उपायुक्त हमीरपुर का भी आदेश था कि बाहर से आने वाले लोगों को संस्थागत संगरोध करना अनिवार्य है। वीडियो में उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है। 
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