वहीं हमीरपुर जिले के कोरोना संक्रमित युवक के रिश्तेदार की ओर से प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। यह युवक 12 मई को अपने भाई और भाभी के साथ लौटा था। एक दिन संस्थागत संगरोध में रखने के बाद अगले दिन सरकारी गाड़ी उसे वापस घर पहुंचा दिया। युवक के रिश्तेदार ने तत्कालीन उच्च अधिकारी पर सवाल खड़े किए हैं। अपने वीडियो में उन्होंने बताया कि 12 मई को उनके दो भतीजे और एक बहू मुंबई से घर लौटे थे।
13 मई को प्रशासन ने इन तीनों को ही सेरा विश्राम गृह भेज दिया। उन्होंने बताया कि 13 मई शाम के समय जब वह घर पर ही थे तो एक सरकारी वाहन संगरोध किए गए इन तीनों को उनके घर तक छोड़ गया। जबकि उपायुक्त हमीरपुर का भी आदेश था कि बाहर से आने वाले लोगों को संस्थागत संगरोध करना अनिवार्य है। वीडियो में उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।