राजधानी शिमला के जाखू स्थित हनुमान मंदिर सड़क पर एक युवक की कार की चपेट में आने से मौत हो गई। युवक संजौली स्थित होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक झाखड़ी के सुखचा गांव (रामपुर) का रहने वाला अविनाश ठाकुर होटल मैनेजमेंट का फर्स्ट ईयर का छात्र था। संस्थान से छुट्टी के बाद अविनाश अपने तीन दोस्तों के साथ जाखू मंदिर की ओर जा रहा था।
तेज बारिश होने पर सभी छात्र आधे रास्ते से ही वापस संजौली लौटने लगे। रास्ते में एक तेज रफ्तार कार ने अविनाश को टक्कर मार दी। अविनाश उछलकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। दोस्तों ने कड़ी मशक्कत के बाद अविनाश को सड़क तक पहुंचाया और एंबुलेंस के लिए 108 पर फोन किया। एक्सीडेंट केस का हवाला देकर 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं आई।
इसके बाद युवकों ने गाड़ी से लिफ्ट लेकर अविनाश को आईजीएमसी पहुंचाया। होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने अविनाश के परिजनों और पुलिस को सूचित कर दिया था। आईजीएमसी से रात करीब ग्यारह बजे अविनाश को पीजीआई रेफर किया गया। सिर पर गहरी चोट होने से अविनाश ने शुक्रवार रात पीजीआई में दम तोड़ दिया। अविनाश के दोस्तों के मुताबिक बारिश की वजह से वह वाहन का नंबर नहीं पढ़ पाए।
मामले की छानबीन जारी : डीएसपी
संजौली के पास कार की चपेट में आए युवक की पीजीआई में मौत हो गई है। एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। -रामलाल बंसल डीएसपी, हेड क्वार्टर
समय पर एंबुलेंस आती तो बच जाती जान
अविनाश की बुआ सोमा ठाकुर ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद अविनाश के दोस्तों ने 108 पर एंबुलेंस के लिए फोन कर दिया था लेकिन ऑपरेटरों ने यह कहते हुए आने से इंकार कर दिया कि यह दुर्घटना का केस है। पुलिस की सूचना के बाद ही एंबुलेंस मौके पर आएगी। सोमा ठाकुर का कहना है कि यदि समय से एंबुलेंस आती तो शायद अविनाश की जान बच जाती।
सीआरपीएफ में तैनात हैं अविनाश के पिता
अविनाश के पिता जोबनदास ठाकुर सीआरपीएफ चंडीगढ़ में तैनात हैं। अविनाश का छोटा भाई दसवीं में पढ़ता है और बहन बीए कर चुकी है। अविनाश की मौत के बाद झाखड़ी के सुखचा गांव (रामपुर) में मातम पसरा है।