शिमला के साथ लगते सुन्नी के कडारघाट के पास एचआरटीसी एक बस गहरी खाई में गिर गई है। हादसे में 21 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। पांच लोग घायल हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। बुधवार को उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया।
21 लोगों के शव खाई से बाहर निकाले जा चुके हैं। हादसे में बस परिचालक की भी मौत हो गई है। हादसा कैसे हुआ इसका पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी की ये बस शिमला के लक्कड़ बाजार से सुन्नी के सवेरा खड्ड के लिए चलती है। हादसे के समय यह वापस शिमला आ रही थी।
शाम करीब तीन बजे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार हादसा शाम करीब तीन बजे हुआ है। बस में 26 लोग सवार थे। पुलिस के अलावा रेस्क्यू टीमें भी रवाना कर दी गई हैं।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार अभी भी कई लोगों के शव बस के नीचे दबे थे, जिन्हें निकालने में पुलिस को काफी जदोजहद करनी पड़ी।
गौरतलब है कि आज सुबह भी ठियोग के पास एक एचआरटीसी बस लुढ़क गई थी। इस हादसे में भी 55 लोग घायल हो गए थे।
फिलहाल सभी घायलों और मृतकों की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं।
18 मृतकों की हुई शिनाख्त
गीताराम, कंडक्टर, कौशल्या देवी, हेमंत कुमार, मोहनलाल, रीता, मोहनलाल, परसराम, भूमिचंद, इंद्रा हिमराल, कमलकांत, संजय कुमार, मनोज कुमार, संजीव कुमार, आशा, साबिर आलम, माला, कामेश्वर और चंद्रावती।
तीन मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है जिसमें की एक आठ वर्षीय बच्चा और दो अन्य लोग शामिल है।
हर महीने हो रहे बड़े हादसे
प्रदेश में हर महीने बड़े हादसे हो रहे हैं। इसी महीने शिमला से 20 किलोमीटर दूर वाकनाघाट के पास भी एचआरटीसी की एक बस सड़क से लुढ़क गई थी। इस हादसे में भी चार लोगों की मौत हो गई थी।
वहीं, ठियोग के पास हुए बस हादसे में भी 10 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। सिरमौर के शिलाई में हुए हादसे में भी 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
एचआरटीसी की बसों के साथ हो रहे हादसों से सरकार भी चिंता में हैं। भले ही सरकार हादसों को रोकने के दावे कर रही हों लेकिन अभी तक सड़क दुघर्टनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है।