आठ दिसंबर 2014 की मध्य रात्रि के बाद उसने रघुनाथ मंदिर में चोरी को अंजाम दिया। यहां सोने के लॉकेट सहित भगवान रघुनाथ की अष्टधातु की तीन इंच की मूर्ति, सोने की चेन के साथ हनुमान की अष्टधातु की मूर्ति, सोने की चेन से कवर नारसिंग देवता की मूर्ति, गणेश की चांदी की पांच इंच की मूर्ति।
चरणपादुका की एक जोड़ी, अपंचमणि सिल्वर, सोने का शंख स्टैंड, चांदी की तास्की, चांदी का पिड्डू, चांदी के दो कटोरे, चांदी के दो लोटे और एक घंटी चोरी कर ली। पुलिस के तुरंत सक्रिय होने पर उसने कुल्लू के बजौरा और ब्यास मोड के पास इन मूर्तियों को जमीन में दबा दिया। और कुल्लु से बाहर फरार हो गया।
रिपोर्ट: सुरेश शाडिल्य, रितेश गुलेरिया, अशोक राणा, फोटो: अशोक कुमार
7 दिसंबर को शातिर ने यहां से खरीदी थी बैटरी
यही नहीं, नर प्रशाद जैसी ने बसंत शर्मा के नाम से सरवरी स्थित वरुण मॉनिकेशन से मोबाइल के लिए बैटरी भी खरीदी। सेंटर के श्याम लाल ने बताया कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि मासूम सा दिखने वाला यह व्यक्ति इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने आया है।
उन्हें इस बात का पता तब चला जब पुलिस उनसे पूछताछ के लिए पहुंची। पुलिस ने नोकिया स्टोर के मालिक से लंबी बात की। इस बातचीत में पुलिस को कई क्लू मिले। पुलिस ने फुटेज में मिली नर प्रशाद की तस्वीर की भी पहचान कराई।
3 से 7 दिसम्बर तक इस ढाबे पर आता रहा
नर प्रशाद जैसी भगवान रघुनाथ मंदिर के साथ सटे ढाबे में तीन दिन तक खाना खाने आया। इस दौरान नर प्रशाद ने ढाबे मालिक सरोज कुमार का फोन लेकर कहा कि उसे दोस्त को जम्मू कॉल करनी है। मासूम से दिखने वाले नर प्रशाद जैसी को ढाबा मालिक ने फोन दे दिया। साथ ही ये भी कहा कि उसे काम चाहिए तो किसी ठेकेदार से बात की जाए।
लेकिन नर प्रशाद जैसी ने ढाबे मालिक से कहा कि वो यहां घूमने आया है काम करने नहीं। सरोज कुमार ने बताया कि चोरी के कुछ दिन बाद पुलिस पूछताछ के लिए आई तो उन्होंने नर प्रशाद को पहचान लिया। इस दौरान सरोज के फोन पर नेपाल से भी फोन कॉल भी आई। सरोज ने पुलिस को नेपाल का नंबर दिखाया जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी।
9 दिसंबर से छानबीन शुरू हुई थी
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। यहां पर अमर उजाला अखबार की एक प्रति भी पुलिस को मिली। इसी अखबार को हाथ में उठाए एक संदिग्ध व्यक्ति चार दिसंबर को ही मंदिर की सीसीटीवी फुटेज में भी नजर आया है।
पुलिस ने क्षेत्र में घटना के संभावित समय एक्टिव मोबाइल नंबरों का डंप डाटा लिया। इसमें करीब 55 मोबाइल नंबर संदिग्ध लगे। इन्हें ऑब्जर्वेशन पर रखा। इनमें एक नंबर ऐसा था, जिससे हरियाणा एवं नेपाल समेत कई जगह लंबी बात हुई थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने इस नंबर को स्विच ऑफ पाया।
13 जनवरी को पुलिस टीम नेपाल पहुंची
हिमाचल पुलिस की एक विशेष टीम चोर को पकड़ने नेपाल गई। इस मामले का ओवरऑल सुपरवीजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के पास था। प्रतिदिन का सुपरवीजन एसपी कुल्लू सुरेंद्र वर्मा कर रहे थे। विशेष जांच टीम के मुखिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू निहाल चंद थे। एसआईटी में कई विशेषज्ञ शुमार थे।
नेपाल के लिए तीन सदस्यों की कवर टीम को इंस्पेक्टर लोकेंद्र नेगी ने लीड किया। 16 जनवरी को उसने 80 हजार रुपए नेपाल के बैंक में जमा किए। हिमाचल पुलिस की विशेष टीम के कहने पर स्पेशल नेपाल पुलिस ने संदिग्ध नर प्रशाद जैसी को नेपाल के जिला बांके के विद्यानगर कोहालपुर में धर दबोचा।
22 जनवरी को नेपाल में गिरफ्तारी
हिमाचल पुलिस की टीम ने वहां 22 जनवरी को उसे अपने नियंत्रण में लिया और 23 जनवरी 2015 को उसने सच उगल दिया। इसके बाद कुल्लू में अलग-अलग स्थानों से चुराई गई मूर्तियों और अन्य सामान को बरामद किया गया। नर प्रशाद प्रोफेशनल मूर्ति चोर है। यह शातिर इससे पहले हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल के कई मंदिरों में चोरी कर चुका है।
इसने रघुनाथ जी की ऐतिहासिक मूर्ति चुराने का प्लान तैयार किया। मूर्ति चोर दिसंबर महीने के शुरू से ही कुल्लू के रघुनाथ मंदिर की रेकी में जुटा हुआ था। वह इससे पहले कई बार कुल्लू आया और गया। चोरी से पहले उसने चार दिन मंदिर की रेकी की। 23 जनवरी को मूर्ति बरामद- हिमाचल पुलिस की टीम ने कुल्लू के बजौरा और ब्यास मोड के पास प्रभु रघुनाथ समेत सभी मूर्तियां बरामद की।
सीएम ने थपथपाई पुलिस की पीठ
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भगवान रघुनाथ मूर्ति चोरी मामले में सफलता मिलने पर पुलिस टीम और खुफिया एजेंसियों की सराहना की और बधाई भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले माह चोरों ने कुल्लू में भगवान रघुनाथ मंदिर से सदियों पुरानी मुख्य देवता प्रभु रघुनाथ की मूर्ति सहित अन्य मूर्तियां चुराकर जमीन के नीचे दबा दीं।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद और हिमाचल, नेपाल तथा दिल्ली पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्ति के मोबाइल फोन को ट्रैक करके आरोपी को नेपाल में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान घटना के संदर्भ में पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों, विशेषकर कुल्लू घाटी के लोगों को क्षेत्र के मुख्य देवता की मूर्ति मिलने पर बधाई दी है।
डीजीपी बोले, एसआईटी की टीम होगी सम्मानित
भगवान रघुनाथ मूर्ति चोरी मामले में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में शामिल हिमाचल पुलिस के तीन युवा अधिकारियों पर सबको नाज है। तीनों अधिकारियों के रिकॉर्ड को देखते हुए एसआईटी के मुखिया एडीजीपी संजय कुंडू ने इंस्पेक्टर लोकेंद्र नेगी, इंस्पेक्टर राजकुमार और हेड कांस्टेबल संजीव वालिया पर भरोसा किया। तीनों को 13 जनवरी को नेपाल रवाना किया।
लोकेंद्र नेगी को इस टीम का मुखिया बनाया गया। वर्तमान में नेगी मंडी के औट थाने में बतौर एसएचओ तैनात हैं। नेगी ने इससे पहले धर्मशाला में दो आतंकवादियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। वहीं करमापा केस और शिक्षा बोर्ड घोटाला समेत मैकलोडगंज मर्डर और लाहौल में रेप एंड मर्डर केस के आरोपी को दबोचकर अपनी काबलियत दर्शाई है।
पहले भी कई मामलों को सुलझा चुके हैं
वहीं हिमाचल पुलिस में साइबर एक्सपर्ट हेड कांस्टेबल संजीव वालिया लाखों के आईपी केस में दो विदेशियों को मुंबई से पकड़ने में कामयाब रहे। मंडी के तेजाब कांड के आरोपी को मेरठ से पकड़ने में संजीव का अहम रोल रहा। वहीं पांचवीं बटालियन बस्सी में तैनात इंस्पेक्टर राजकुमार उत्कृष्ट कार्यों के लिए डीजीपी मेडल से सम्मानित हो चुके हैं।
2013-14 में कुल्लू में वह बेस्ट पुलिस अधिकारी के तौर पर सम्मानित हुए हैं। कुल्लू में रहते हुए उन्होंने एक अभियान के दौरान करोड़ों की चरस पकड़ने में कामयाबी हासिल की। हिमाचल पुलिस के डीजीपी संजय ने कहा कि नेपाल से लौट रही एसआईटी की टीम को सम्मानित किया जाएगा।