घाटी के अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ की मूर्ति का चोर नेपाल रॉयल आर्मी का भगौड़ा कमांडो है। मूर्ति चोरी का आरोपी नर प्रशाद वर्ष 1998-99 में नेपाल में आपातकाल के दौरान आर्मी से भागकर भारत आ आया। यह शातिर इससे पहले भी हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल के कई मंदिरों में चोरी कर चुका है।
काठमांडू में नेपाल पुलिस, इंटरपोल, दिल्ली पुलिस स्पेशल सैल और हिमाचल पुलिस की संयुक्त टीम के सामने पूछताछ में चोरी के आरोपी ने ये खुलासा किया है। नेपाल के माओवादी बहुल क्षेत्र से दबोचे गए नर प्रशाद ने पूछताछ में बताया है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले उसने करीब चार बार रघुनाथ मंदिर का दौरा किया।
मंदिर की चार दफा रेकी की
वह बीते साल कुल्लू में दो बार आया और मंदिर की चार दफा रेकी की। नेपाल आर्मी में ली कमांडो की ट्रेनिंग का भी उसने इस वारदात में पूरा इस्तेमाल किया। साल 2013 में भी चोरी के आरोप में यह शातिर कंडा जेल में तीन महीने सजा काट चुका है। रघुनाथ मूर्ति चोर का सुराग मिलने के बाद पुलिस टीम करनाल में रह रही नर प्रशाद की गर्ल फ्रेंड को भी काठमांडू ले गई।
गर्लफ्रेंड की मदद से पुलिस नर प्रशाद की दो बीवियों तक पहुंचने में कामयाब हुई। इसके बाद 23 जनवरी को नेपाल पुलिस की मदद से आरोपी को धरा गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि इससे पहले भी वह नेपाल, हिमाचल, उत्तराखंड के मंदिरों में चोरी की है।
नेपाल से कुल्लू ला रही पुलिस
रघुनाथ मूर्ति चोर को पकड़ने कुल्लू से नेपाल गई टीम नर प्रशाद को कुल्लू ला रही है। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर लोकेंद्र नेगी कर रहे हैं। टीम में इंस्पेक्टर राजकुमार, हेडकांस्टेबल संजीव शामिल हैं।
रविवार दोपहर बाद तक उनके यहां पहुंचने की संभावना है। डीजीपी संजय कुमार ने बताया कि मिशन में भेजे गए जांबाज पहले भी कई आपराधिक मामलों को अंजाम तक पहुंचा चुके हैं।