मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सराहन स्थित पुश्तैनी महल शांति में चोरी करने का ख्याल खच्चर चराते हुए आया। मुख्य आरोपी का यह कबूल नामा पुलिस तफ्तीश में हुआ है। इस मामले के मुख्य आरोपी और आखिरी आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया है। सूरज अब तक पुलिस को अपनी कम उम्र बताकर गुमराह कर रहा था। वह अपनी उम्र 17 साल बता रहा था लेकिन जब पुलिस ने पुरानी मंडी मिडिल स्कूल से जन्मतिथि के दस्तावेज लिए तो उसमें 25 अगस्त 1997 लिख रखा है।
इस जन्म तिथि के मुताबिक आरोपी अर्जुन ने जिस रात वारदात को अंजाम दिया उस वक्त उसकी उम्र 18 साल एक महीने और 30 दिन थी। इस तथ्य के मिलने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले में सभी छह आरोपियों को पुलिस ने सलाखों की पीछे पहुंचा दिया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि सूरज पहले मंडी में रहता था।
कुछ समय पहले ही यहां आया था और घराट नाला में एक व्यक्ति के यहां काम करता था। वह उसकी खच्चरें चराता था। सूरज आर्थिक तौर पर काफी कमजोर था और खूब सारा पैसा कमाकर अपनी जिंदगी बनाना चाहता था। खच्चरें चराते हुए वह अमीर बनने के सपने देखता रहता था।