पांच लाख रुपये रिश्वत लेते सीबीआई के हत्थे चढ़े हिमाचल उद्योग विभाग के जॉइंट डायरेक्टर तिलकराज शर्मा को सीबीआई की विशेष अदालत से राहत मिल गई है। कोर्ट ने तिलकराज की जमानत याचिका मंजूर करते हुए उसे 20 लाख रुपये के बेल बांड पर जमानत के आदेश दिए हैं।
इससे पहले तिलकराज की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि वह तीन जून से जेल में बंद हैं। सीबीआई को उनसे अब कोई पूछताछ भी नहीं करनी है और न ही कोई रिकवरी भी करवानी है। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। सीबीआई ने यह कहते हुए जमानत याचिका का विरोध किया था कि आरोपी हाईप्रोफाइल है।
उसे जमानत का लाभ दिया गया तो वह बाहर आकर केस की जांच पर असर डाल सकता है। साथ ही गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इससे केस कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में आरोपी को जमानत का लाभ न दिया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई की विशेष जज ने तिलकराज की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
‘बी’ क्लास सुविधाओं की याचिका हो चुकी है खारिज
इससे पहले जिला अदालत तिलकराज की जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाओं की याचिका खारिज कर चुकी है। तिलकराज की ओर से दायर याचिका में जेल प्रशासन को आदेश देने की अपील की गई थी कि उसे केस के ट्रायल के दौरान जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाएं दी जाएं।
इसके लिए उसने कहा था कि वह ग्रेजुएट हैं। ऐसे में एजुकेशन के आधार पर वह जेल में ‘बी’ क्लास सुविधाओं का हकदार हैं। साथ ही कहा था कि वह उक्त सुविधा के लिए तब तक हकदार है, जब तक कि उनके केस का कोई फैसला नहीं आ जाता।