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बौंद्रा देवता मंदिर में लूट करने वाले तीन नेपाली दोषी करार

Fri, 29 Jul 2016 09:51 AM IST
रतन चौहान/अमर उजाला, रोहडू
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रोहड़ू के बछूंछ गांव में बौंद्रा देवता के मंदिर में करीब तीन साल पहले हुई लूट और हत्या के मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दे दिया है। नेपाली मूल के तीन दोषियों को अब एक अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
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बुधवार को एडिशन सेशन जज राजेश तोमर की अदालत ने तीनों को दोषी करार दे दिया है। मंदिर में चौकीदार हीरा लाल की हत्या तथा मंदिर में करोड़ों की लूट के मामले में आरोपी नेपाली मूल के रमेश बहादुर, धीरेंद्र शाही, भरत को दोषी करार दिया गया है। सभी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 395, 396, 460, 302 तथा 120 के तहत आरोप साबित हुए हैं।

दोषियों की सजा पर फैसला एक अगस्त हो सुनाया जाएगा। सरकार की ओर से मंदिर कमेटी के पक्ष में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी हरीश नेगी तथा उनसे पहले जिला न्यायवादी उमेश मोहन ने की। मंदिर कमेटी की ओर कानूनी सहयोग शरोग गांव निवासी अधिवक्ता  लेख राज चौहान ने किया। अभी तीनों दोषी कंडा जेल में हैं।
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आरोपियों के दोषी साबित होने पर मंदिर में जश्न

देवता बौंद्रा के मंदिर में लूट तथा हत्या के आरोपियों को न्यायालय से दोषी करार दिए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोग देवता के मंदिर में एकत्र हो गए और खुशी में पटाखे चलाए। देवता के जयकारों के साथ ग्रामीणों ने इसके लिए न्याय पालिका का आभार जताया है। मंदिर के मोतमीन भगत सिंह ठाकुर, रामेश्वर कंवर, नरेश मोल्टा सहित सभी कारदारों ने इसके लिए अदालत का आभार जताया।

कब-क्या हुआ
22 जुलाई 2013 की रात चोरों ने बछूंछ गांव के देवता बौंद्रा मंदिर में चौकीदार की हत्या के बाद करोड़ों की लूट को अंजाम दिया।
23 जुलाई 2013 की सुबह चौकीदार का बेटा पिता को मिलने मंदिर पहुंचा तो देवता की पालकी के साथ अपने पिता का शव देख कर लूट का लोगों को पता चला
23 जुलाई की सुबह करीब सात बजे पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन लुटेरों की सुराग नहीं मिला
24 जुलाई के दिन पुलिस को कुई बंछूंछ गांव से दो नेपालियों के गायब होने की सुराग मिला
30 जुलाई को गायब नेपाली के फोन की लोकेशन दिल्ली में पाई गई।
30 जुलाई को एटीसी के सहयोग से पुलिस ने तीनों नेपाली को दिल्ली में दबोचा।
30 जुलाई की रात को गिरफ्तार नेपालियों ने चोरी की गई मूर्तियों के सराईधार के जंगल में होने की खुलासा गया।
31 जुलाई पुलिस ने सूचना के आधार पर सराईधार के जंगल से सभी मूर्तियां तथा चोरी का समान बरामद किया।
01 अगस्त को एटीएस की टीम के साथ पुलिस के ने कडे़ पहरे में तीन आरोपी को  रोहडू पहुंचाया।
02 अगस्त को देवता की बरामद मूर्तियां न्यायालय से अनुमति लेकर पुलिस ने हजारों लोगों की उपस्थिति में मंदिर कमेटी को सौंपीं।
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तीन साल चला मुकदमा, दो आरोपी का अभी सुराग नहीं

सभी साक्ष्य पुख्ता होने के बाद मामला न्यायालय में लंबित हो गया। स्थानीय निवासी रामेश्वर कंवर ने आस्था से जुडे़ मामले को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। प्रदेश न्यायालय  के आदेश पर गवाहों के बयान तथा केस प्रापर्टी के लिए बछूंछ गांव में कोर्ट लगाया गया। उसके बाद मामले में सुनवाई आगे बढी। अब न्यायालय के अंतिम फैसला मंदिर के हित में हुआ है।

दो आरोपी का अभी सुराग नहीं
देवता बौंद्रा के मंदिर में लूट तथा चौकीदार की हत्या के मामले में पांच नेपाली शामिल थे। दिल्ली पहुंचने से पहले दो मुख्य सरगना पहले अलग हो चुके थे। पुलिस को मौके पर तीन की आरोपी हाथ लग सके। दो का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला।

इन्होंने अंजाम तक पहुंचाया केस
पूरे मामले की जांच की कमान तत्कालीन एसपी शिमला अभिषेक दुल्लर ने स्वयं संभाली थी। उनके साथ रोहडू के डीएसपी राजकुमार चंदेल, एसएचओ विक्रम चौहान तथा उनकी पूरी टीम ने चोरों तक पहुंचने के लिए दिन- रात काम किया।
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