जांच के लिए गई टीम की डंडों से पिटाई कर दी गई। यहां तक कि टीम में शामिल महिला निरीक्षक के कपड़े भी फट गए। टीम ने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। मामला हिमाचल के सोलन जिले का है। सोबन माजरा में जांच करने गई ड्रग निरीक्षक की टीम पर तीन लोगों ने हमला बोल दिया। टीम सदस्य यहां से जैसे-तैसे जान बचाकर भागे।
वारदात बुधवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे की है। ड्रग निरीक्षक लवली ठाकुर, महिला ड्रग निरीक्षक सोनम और चतुर्थ श्रेणी कर्मी घनश्याम पप्पू क्लीनिक में जांच करने पहुंचे। टीम ने दस्तावेज जांचे तो क्लीनिक चलाने का लाइसेंस नहीं मिला। क्लीनिक संचालक के पास एलोपेथिक दवाओं का लाइसेंस नहीं था।
डंडों से कर दिया हमला
इस पर टीम ने तीन पेटियों में दवाई भरकर सीज कर ली। जैसे ही पेटियां उठाकर टीम जाने लगी तो क्लीनिक में तैनात कर्मी राधेश्याम व दो अन्य साथियों ने डंडों से हमला बोल दिया। लवली ठाकुर के सिर व पीठ पर चोट आई तो महिला निरीक्षक की बाजू में डंडा लगा। धक्का-मुक्की में महिला निरीक्षक के कपड़े भी फट गए।
आरोप है कि मारपीट करने वालों ने निरीक्षक के हाथ से दवाइयों की पेटियां भी छीन लीं। किसी तरह तीनों ने गाड़ी में बैठकर भागकर अपनी जान बचाई। ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि पुलिस प्रशासन से इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
रिश्वत मांग रही थी टीम
क्लीनिक के संचालक पप्पू का कहना है कि ड्रग कंट्रोलर उनसे घूस की मांग कर रहा था जिस पर क्लीनिक में आए लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
डीएसपी नालागढ़ खजाना राम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराने के बाद क्लीनिक संचालक के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।