आपका एटीएम कार्ड खतरे में है। एटीएम जेब में पड़ा रहेगा और खाते से पैसा पलक झपकते ही साफ हो जाएगा। इसके लिए शातिरों को न तो आपके एटीएम कार्ड की जरूरत पड़ेगी और न ही पिननंबर की।
शिमला के मालरोड में पीएनबी एटीएम को लूटने को रची साजिश के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों से पूछताछ के बाद यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एटीएम लूटने की ये साजिश मुंबई में रहने वाला नाइजीरियन बना रहा है जो चिंकी ऊर्फ काला गिरोह का सरगना है।
देश भर में एटीएम उपभोक्ताओं का पैसा लूटने के लिए यह इलेक्ट्रानिक इंजीनियरों की मदद ले रहा है। आइए बताते हैं कैसे गिरोह आपके एटीएम से पैसे निकालता है और आप कैसे इससे बच सकते हैं।
ऐसे रचते हैं साजिश
ये गिरोह केवल पर्यटन स्थलों को ही निशाना बनाते हैं। शिमला से पहले गोवा में इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इसके पीछे गिरोह का तर्क रहता है कि टूरिस्ट स्थल में पकड़े जाने का खतरा कम रहता है।
ऐसी जगहों पर सैलानियों की आवाजाही ज्यादा रहती है। मुंबई में रहने वाले इस नाइजीरियन ने सलीम अहमद शेख और मोहम्मद रफीक को 85 हजार देकर शिमला भेजा। काम पूरा होने के बाद एक लाख देने की सौदेबाजी हुई थी लेकिन इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
इनमें सलीम अहमद शेख इलेक्ट्रानिक इंजीनियर है लेकिन दोनों आरोपी नशे के आदी हैं। आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से एटीएम में एक स्पाई कैमरा और स्कीमर लगा रखा था। इससे पहले की वह इसकी मदद से उपभोक्ताओं के एटीएम का पूरा डाटा चुरा ले जाते बैंक प्रबंधन के एक प्रतिनिधि की नजर एटीएम पर पड़ गई। पुलिस ने बाद में युवकों को जाल बिछाकर पकड़ लिया।
ऐसे उड़ाते हैं एटीएम से पैसा
मालरोड पर पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम में एटीएम कार्ड की डिटेल स्कैन करने के लिए जालसाजों ने एटीएम में कार्ड स्वैप करने वाली जगह पर अतिरिक्त स्लॉट स्कीमर और पासवर्ड के लिए स्पाई कैमरा लगा रखा था।
इस दौरान जो भी उपभोक्ता एटीएम में कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था उसकी पूरी डिटेल स्कीमर में आ रही थी। स्पाई कैमरे में उसका पिन कोड रिकार्ड हो रहा था। शातिर अपनी योजना में कामयाब रहते तो वह स्कीमर और स्पाई कैमरा निकाल ले जाते।
इसके बाद साफ्टवेयर की मदद से डिटेल हासिल कर एटीएम के क्लोन तैयार कर लेते। एटीएम के क्लोन तैयार होने पर कहीं से भी एटीएम से पैसा निकाल लेते। उपभोक्ताओं को इस बात की भनक तक नहीं लगती कि आखिर उनके खाते से पैसा निकला तो कैसे।
ऐसे बरते सावधानी
गिरोह देश भर में अपनी जड़ें फैला चुका है। एटीएम के अंदर कहीं भी इनके स्कीमर और स्पाई कैमरे आपके कार्ड और आपके पिन नंबर को रिकॉर्ड कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को यदि एटीएम के भीतर कोई भी संदिग्ध चीज या कैमरा दिखे तो वह इसकी जानकारी बैंक प्रबंधन को दे सकता है।
इसके अलावा पिन नंबर का इस्तेमाल भी गुप्त तरीके से करने की कोशिश करें। वहीं बैंकों की भी जानकारी है कि वे सीसीटीवी कैमरों की मदद से एटीएम में आने वाले संदिग्धों पर नजर रखे। पुलिस की मदद लें और इन्हें पकड़वाने में मदद करें।