जयराम सरकार के गठन के बाद शुरू हुई बीवरेजेस लिमिटेड कारपोरेशन के गठन पर विजिलेंस जांच की समीक्षा के लिए 18 जनवरी को प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने अधिकारियों की बैठक बुला ली है। बैठक में अब तक हुई विजिलेंस जांच के अलावा विभिन्न जिलों में चल रहे मामलों की जांच की भी समीक्षा की जाएगी। दो महीने पहले प्रमुख सचिव ने बैठक ली थी जिसमें जांच को जल्द पूरा करने के लिए कहा गया था।
अब टैक्नोमैक घोटाले की तरह इस मामले की भी जांच के लिए टाइम लाइन तय हो सकती है। वीरभद्र सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान शराब की थोक बिक्री पर सरकारी नियंत्रण के लिए बीवरेजेस लिमिटेड का गठन किया गया था। लेकिन सरकारी नियंत्रण के बावजूद निगम होने के बावजूद सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हो गया। जयराम सरकार ने मामले की जांच के लिए विजिलेंस को आदेश जारी कर दिए।
शुरूआती जांच में जानकारी सामने आई कि इस कारपोरेशन के गठन के बाद पंजाब के पचास से ज्यादा ठेकेदारों को भी थोक बिक्री काम दिया गया। यही नहीं कुछ अधिकारियों की गड़बड़ी में शामिल होने की भी बात सामने आई थी। लेकिन नामों के सामने आते ही जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने मामले की जांच को समयबद्घ तरीके से पूरा करने के लिए सख्ती शुरू कर दी है।