पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रों ने पहले पेट्रोल पंप पर जाकर नोट बदलवाए और फिर उनकी सीरीज वाले नोट छापे। फिर इनके पास बचे नोटों के छुट्टे करवाए और 100-200 का सामान लिया। फिर उसमें पैसे डालकर दो-दो हजार के नोट लिए।
इस सारी प्रक्रिया को युवाओं ने करीब एक सप्ताह में पूरा किया। एक सप्ताह बाद जब इनके पास 5 लाख, 60 हजार की रकम इकट्ठा हो गई तो इन्होंने हिमाचल के मलाणा का रुख किया। यहां से इन्होंने 2 किलो चरस देवा नामक व्यक्ति से खरीदी। बदले में उसे नकली नोट थमा दिए।
दोनों छात्र अच्छे घरों के ताल्लुक रखते हैं। ये युवक नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। इसी कारण इन्होंने ऐसा अपराध किया। अभी तक इस मामले में दिल्ली और गुरुग्राम के परवेश और विक्रांत को गिरफ्तार किया गया है, जबकि फरीदाबाद के अंकित और जींद के चाणक्य की पुलिस तलाश कर रही है।
दोनों फरार बताए जा रहे हैं। अंकित के पिता हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, जबकि चाणक्य के पिता एडवोकेट हैं। ये दोनों भी एमडीयू रोहतक से ही लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। डीएसपी हेडक्वार्टर हितेश लखनपाल ने बताया कि दोनों युवकों की तलाश जारी है। इन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
26 अप्रैल को मामला उस वक्त सामने आया, जब एक व्यक्ति एक लाख के नकली नोट ग्रामीण बैंक बगस्याड़ की शाखा में जमा करवाने पहुंचा था। उसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
इसकी जांच हरियाणा तक जा पहुंची। अभी तक इस मामले में चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि हरियाणा के दो और मलाणा गांव का एक व्यक्ति अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।