इसके अलावा एक नोटरी को राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। नोटरी कार्यालय बंद होने के बाद शाम छह बजे कार्यालय में आकर कुछ प्रशिक्षु चिकित्सकों के ऐग्रीमेंट बांड को राजस्व विभाग के रजिस्टर में खुद दर्ज कर रहा था।
जांच में नोटरी के संलिप्त होने के बाद नायब तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंपी है। इसी बीच एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त ने भी एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) को जांच के निर्देश दे दिए हैं। एडीएम की ओर से जांच शुरू की जा चुकी है।
आधार केंद्र संचालक के मुताबिक लोगों को आधार कार्ड बनने के लिए राजपत्रित अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। राजपत्रित अधिकारी की ओर से जारी लेटर हेड पर सत्यापन के बाद ही आधार कार्ड संचालक आधार कार्ड बना सकते हैं। इससे पहले आधार केंद्र संचालक की ओर से जारी आधार फार्म पर ही राजपत्रित कर्मचारी के हस्ताक्षर होते थे।