फादर एंथनी के घर से 6.5 करोड़ रुपये के गबन मामले में आरोपी एएसआई दिलबाग सिंह को पटियाला में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। दिलबाग ने आरोपियों की मदद की थी और इस वारदात में शामिल कार को अपने पास छिपाकर रखा था। खन्ना पुलिस ने जालंधर के प्रतापपुरा में पादरी एंथनी के घर छापेमारी की थी। उस दिन टीम में दो एएसआई जोगिंदर व राजप्रीत शामिल थे। उनके साथ पुलिस का मुखबिर सुरिंदर भी था।
तीनों ने 6.5 करोड़ की राशि का गबन कर दिया। दोनों एएसआई पटियाला में तैनात थे, लेकिन उनको 24 मार्च को पटियाला से अस्थायी तौर पर खन्ना में एसएसपी के साथ अटैच किया गया था। क्राइम ब्रांच के आईजी प्रवीण सिन्हा ने मामले में डकैती की धारा लगा दी थी। इस केस की जांच के दौरान पता चला कि दोनों एएसआई राजप्रीत व जोगिंदर की मदद पटियाला में तैनात एएसआई दिलबाग सिंह ने मदद की थी।
आलू और खाद की खाली बोरियों में पैसे डालकर लाए थे आरोपी
मामले में पकड़े गए आरोपी सुरिंदर सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पादरी के घर से उठाए गए पैसे आरोपियों ने खाद और आलू की खाली बोरियों में भरे थे। यह पैसे एक-दो बोरियों में थे। इसके अलावा खन्ना में भी पैसे बदले गए थे। इस संबंध में जब पुलिस टीम एसआई जोगिंदर सिंह के घर सीसीटीवी फुटेज खंगालने गई तो वहां केवल कैमरे ही मिले, जबकि रिकॉर्डिंग नहीं थी।
मंगलवार को आरोपी का छह दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया। आरोपी को फिर से रिमांड पर लेने के लिए स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने कई तर्क रखे, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, फरार चल रहे एसआई जोगिंदर सिंह व राजप्रीत सिंह की तरफ से लगाई गई जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। अदालत की तरफ से दोनों के अरेस्ट वारंट जारी हो चुके हैं। अदालत ने पुलिस को दोनों को काबू कर पेश करने के आदेश दिए हैं।
दो लाख रुपये कैश अवार्ड मिला था
आरोपी सुरिंदर ने पूछताछ में बताया कि उसे सिर्फ कैश संबंधी सूचना देने पर दो लाख रुपये कैश अवार्ड दिया गया था। गायब हुए कैश में किसी भी तरह की कोई हिस्सेदारी नहीं है। उसे इस बारे में और कोई जानकारी नहीं है।
पुलिस मामले में जोड़ चुकी है नई धाराएं
इस मामले में पुलिस ने गत दिनों आईपीसी की धारा 392 व 120बी भी जोड़ी थी। हालांकि इससे पहले आरोपियों पर आईपीसी की धारा 406, 34 और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था।