बीती मंगलवार रात हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में एक घर में लगी आग के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आग में झुलसी महिला ने आरोप लगाया है कि दो लोगों ने परिवार के पांच सदस्यों को कमरे में जिंदा जलाने का प्रयास किया है। पीड़ित महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है। महिला पिंकी पत्नी नारायण दास गांव चिवा (जुब्बल) ने पुलिस बयान में कहा कि वह कोटखाई पंजाब नेशनल बैंक में सफाई कर्मचारी हैं। वर्ष 2013 से जोगिंद्र लाल सूद कोटखाई की बिल्डिंग में बेटे अर्णव और बेटी याशी के साथ रह रही हैं।
मंगलवार रात उनके पिता तेजराम भी इसी कमरे में थे। बताया कि देर रात साढ़े तीन बजे उनकी नींद खुली तो कमरे में धुआं था और दरवाजे में आग लगी थी। कमरे के बाहर किसी व्यक्ति के भागने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को उठाया। जब कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद थी। आग लगने के कारण वे कमरे के अंदर आग की चपेट में आ गए। इसके बाद पति ने परिवार के सभी सदस्यों को शौचालय के वेंटिलेटर से बाहर निकाला।
सभी को कोटखाई अस्पताल लाया गया। यहां से आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। महिला के बयान के बाद पुलिस तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें रणजीत गांव कुरुलवाना (सिरमौर) और पंकज गांव शडी, तहसील सुन्नी जिला शिमला के रहने वाले हैं। डीएसपी ठियोग कुलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 342, 436, 307, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।