शिमला। मिडिल बाजार में एक ढाबे में काम कर रहे नाबालिग लड़के को पुलिस ने छुड़ा लिया। ढाबा मालिक लड़के के उम्र संबंधित प्रमाणपत्र पुलिस को नहीं दिखा पाया। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह नेपाली मूल का है और इसकी उम्र 10 से 12 साल के बीच है।
लड़के का मामा उसे यहां लेकर आया था और चार-पांच दिन से यहां काम कर रहा था। ढाबा संचालक ने बताया कि पहले 1500 रुपये मासिक पर बात हुई। लेकिन बाद में पांच हजार मासिक देने की बात करने लगा। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल रंजना, यशपाल, होमगार्ड अनिशा और चाइल्ड हेल्प लाइन की सदस्य संगीता ने गुप्त सूचना के आधार पर ढाबे में दबिश दी। पुलिस ने नाबालिग को अपने कब्जे में लिया और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया। यहां से उसे बाल आश्रम चक्कर में भेज दिया गया है। अब नाबालिग का मेडिकल करवाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक इस मामले में चाइल्ड लेबर एक्ट के तहत ढाबा मालिक के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी। उधर, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद शुक्ला ने कहा कि एक नाबालिग को ढाबे से रेस्क्यू किया गया है। मामले की छानबीन चल रही है।