अनुराग ठाकुर की प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन पर चौथी एफआईआर दर्ज हो गई है। मंगलवार रात 8.30 बजे धर्मशाला पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एचपीसीए पर क्रिकेट स्टेडियम के लिए सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप है। इससे पहले तीन एफआईआर विजिलेंस ने एचपीसीए पर दर्ज की हैं।
एसपी कांगड़ा बलवीर ठाकुर ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की। करीब सवा माह पहले विजिलेंस मुख्यालय शिमला से इस संदर्भ में एसपी कांगड़ा को पत्र भेजा गया था। इसमें सिफारिश की गई थी कि एचपीसीए पर धर्मशाला पुलिस भी केस दर्ज करे। यह पत्र एसपी कार्यालय से धर्मशाला पुलिस थाना पहुंचा और मंगलवार को केस दर्ज हो गया।
विजिलेंस ब्यूरो धर्मशाला ने क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला की जमीन की डिमार्केशन करवाई थी। इसमें खुलासा हुआ था कि एचपीसीए ने क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 2303 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है। हालांकि, इससे पहले विजिलेंस क्रिकेट स्टेडियम के पास 720 वर्ग मीटर भूमि पर कॉलेज भवन गिराने को लेकर केस दर्ज कर चुकी है।
दूसरी एफआईआर में चार्जशीट की तैयारी
एचपीसीए पर दर्ज दूसरी एफआईआर में भी चार्जशीट की तैयारी है। इसमें एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत नौ को आरोपी बनाया गया है। कांगड़ा के पूर्व डीसी केके पंत, धर्मशाला कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल, एक तत्कालीन प्रिंसिपल, एक डिप्टी डायरेक्टर, एचपीसीए पदाधिकारियों भी इसमें शामिल हैं।
धर्मशाला स्टेडियम के साथ लगते शिक्षा विभाग के पुराने स्टाफ क्वार्टर गिराने और 720 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा करने के इस केस में धर्मशाला विजिलेंस ने ड्राफ्ट चार्जशीट शिमला मुख्यालय को सौंप दी है। कभी भी चालान पेश हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि इस केस में शायद ही पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को मुख्य आरोपी बनाया जाए।
तीसरे केस की जांच अंतिम चरण पर
भवन गिराने के संदर्भ में जब विजिलेंस ने पूर्व डीसी केके पंत से पूछताछ की थी तो पंत ने कहा था कि कॉलेज का भवन गिराने (रि-एलोकेट) के संदर्भ में जो बैठक हुई थी, वह तब के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर हुई थी। हालांकि, विजिलेंस को धूमल का कोई सीधा रोल इस केस में नहीं मिला है।
पहली एफआईआर की चार्जशीट विजिलेंस तैयार कर चुकी है। इसमें धूमल का नाम मुख्य आरोपियों में है। डीआईजी विजिलेंस अरविंद शर्मा ने बताया की मामले की जांच चल रही है।
एचपीसीए पर विजिलेंस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। तीसरी एफआईआर होटल पेवेलियन बनाने के लिए पेड़ काटने की है। मामले में विजिलेंस ने वन, राजस्व और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित एचपीसीए के कई पदाधिकारियों से पूछताछ पूरी कर ली है और जांच अंतिम चरण में है।