हिमाचल के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में राज्य निर्वाचन आयुक्त पी मित्रा ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। शातिरों ने आधार कार्ड को बैंक खाते से जोड़ने के नाम पर उनके खाते से लगभग तीस हजार रुपये उड़ा लिए। मित्रा को उनके साथ हुई ठगी का पता तब चला, जब उनके खाते से निकली राशि से संबंधित मेसेज उनके मोबाइल पर आया।
पुलिस के मुताबिक पूर्व आईएएस अफसर पार्थ सारथी मित्रा ने कुछ दिन पहले एटीएम से कैश निकाला। इसके बाद उनके मोबाइल पर मेसेज आया कि अपने आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक करें।
इसी दौरान शनिवार सुबह उनके मोबाइल पर शातिर ने कॉल कर कहा कि वह एसबीआई से बोल रहा है। आपके खाते से आधार कार्ड नंबर जोड़ने के लिए कुछ जानकारी चाहिए।
उन्हें लगा कि बैंक से ही कोई बात कर रहा है। उसकी बातों पर विश्वास करके मित्रा ने बैंक खाते से जुड़ी जानकारियां साझा कर दीं।उन्होंने पहले अपना आधार नंबर दे दिया, इसके बाद उनके मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आया।
वह भी पूछने पर उन्होंने शातिर को बता दिया। ओटीपी बताने के कुछ ही मिनटों बाद उनके खाते से पहले 19 हजार 999 और दूसरी बार 9 हजार 999 रुपये डेबिट हो गए। पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जम्वाल ने कहा कि शिकायत के आधार पर छोटा शिमला थाने में मामला दर्ज कर आगामी तफ्तीश शुरू कर दी गई है।