23 जुलाई को कंपनी के एजेंट ने कैप्टन को फोन करके बताया कि उसके म्यूचुअल फंड में गड़बड़ी हुई है। इसके बाद कैप्टन ने शिमला की एक शाखा में कंपनी के खाते में से ऑनलाइन अपने निवेश की जानकारी ली तो पता चला कि म्यूचुअल फंड में दिया उसका फोन नंबर और पता बदल दिया है।
यह धनराशि किसी और के नाम पर दिखाई जा रही है। हालांकि यह गड़बड़ी कैसे हुई है इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही होगा। कैप्टन ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
म्यूचुअल में छह बार किया था निवेश
कैप्टन ने वर्ष 2005 में म्यूचुअल फंड में पैसे निवेश किए थे। पहले किस्त में 50 हजार, दूसरी में 50 हजार, तीसरे में 50 हजार, चौथे में 1 लाख, पांचवें में 50 हजार और छठे निवेश में भी 50 हजार की राशि लगाई थी। चार विभिन्न कंपनी, एक निजी बैक और एक सरकारी बैंक के म्यूचुअल फंड में यह पैसा लगाया था।