हिमाचल के नालागढ़-रामशहर स्लिप रोड पर मंगलवार दोपहर दो बाइक सवार नकाबपोश बिजली बोर्ड के कर्मचारी से 2.33 लाख का कैश लूटकर फरार हो गए। बोर्ड का कर्मचारी अकेले ही बिलों का पैसा थैले में डालकर बैंक में जमा करवाने जा रहा है।
उसके साथ सिक्योरिटी गार्ड भी नहीं था। थैले में नए-पुराने नोटों के अलावा 3.43 लाख के चेक भी थे। वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार नकाबपोश स्वारघाट रोड की ओर भाग गए।
वहां से गुजर रहे श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह ने शोर सुनकर नकाबपोशों का अपनी गाड़ी से पीछा किया लेकिन वे हाथ नहीं लगे। पुलिस ने सूचना मिलते ही जगह-जगह नाकेबंदी कर दी है। लुटेरों का देर शाम तक कोई सुराग नहीं लगा है।
दफ्तर से 200 मीटर दूर हुई लूटपाट
पुलिस के अनुसार मंगलवार दोपहर को बिजली बोर्ड सब डिविजन नालागढ़ का एक कर्मचारी चमन लाल बिलों के रूप में जमा 2.33 लाख रुपये और 3.43 लाख के चेक थैले में भरकर अकेले ही पीएनबी में जमा करवाने जा रहा था।
कार्यालय से बैंक महज तीन सौ मीटर दूर है। दोपहर करीब 1.35 बजे कर्मचारी अभी ऑफिस से दो सौ मीटर दूर ही पहुंचा था कि बाइक पर सवार दो नकाबपोशों ने उसके हाथ से रुपयों से भरा बैग छीन लिया। बोर्ड कर्मचारी कुछ समझ पाता, बाइक सवार स्वारघाट रोड की ओर फरार हो गए।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से बीबीएन में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वारदात से लोगों में दहशत है। डीएसपी नालागढ़ डॉ. साहिल अरोड़ा ने कहा कि सूचना मिलते ही नाकेबंदी कर नकाबपोशों की तलाश शुरू कर दी है।
कैश में थे नए और पुराने नोट
बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता आरके धीमान ने बताया कि बिजली कर्मचारी बिलों के भुगतान की 2.33 लाख की नकद धनराशि और चेक को जमा करवाने बैंक जा रहा है। इस दौरान वारदात हुई है। पुलिस को सूचित कर दिया है। छीनी गई नकदी में पुराने और नए नोट शामिल हैं। चेकों को कैंसल करने के लिए कह दिया है।
नालागढ़ लूट मामले में किसी जानकार का हाथ होने की आशंका
नालागढ़ में बिजली बोर्ड सब डिविजन के कर्मचारी से 2.33 लाख कैश और 3.43 लाख के चेक छीनने की वारदात को शातिरों ने पूरी रैकी करने के बाद अंजाम दिया। पुलिस भी इस पहलू की जांच में जुटी है। नालागढ़ पुलिस ने धारा 382 के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
लाखों की इस चोरी में कहीं भीतर का कोई व्यक्ति तो शामिल नहीं है। कारण, आरोपियों को पता था कि किस वक्त कर्मचारी बिल का पैसा लेकर बैंक में जमा करने निकलेगा। लिहाजा इससे शक गहरा रहा है कि किसी जानकार व्यक्ति ने कर्मचारी के दफ्तर से निकलने की सूचना आरोपियों को दी।
पुलिस के सामने ये सवाल है अहम
पुलिस इस पहलू पर भी जांच करेगी कि आखिर शातिरों को कैसे भनक लगी कि बोर्ड कार्यालय से लाखों का कैश बैंक में जमा करने के लिए ले जाया जा रहा है। लाखों की नकदी को ले जाने के दौरान बोर्ड की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था न किया जाना और पैदल ही इतनी बड़ी रकम को जमा करवाने के लिए एक कामगार को भेजना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता आरके धीमान ने कहा कि पांच लाख से अधिक की नकदी को बोर्ड गाड़ी के माध्यम से बैंक तक ले जाता है। चोरी हुए कैश को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि बोर्ड कर्मी के साथ एक महिला पीएन को भेजा था। वह वारदात के दौरान कर्मचारी के पीछे चल रही थी।
डीएसपी साहिल अरोड़ा ने कहा कि मामले में धारा 382 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। चोरी में कुछ लोगों की मिलीभगत का होना भी जांच का विषय है इस पर भी काम किया जाएगा। 2.33 लाख की कैश में पुराने और नए नोट दोनों थे। इसका सही आंकड़ा अभी अधिकारियों को भी मालूम नहीं है। कैश को थैले में ले जाने को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।