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नप सकते हैं वन, खनन विभाग के कई अधिकारी

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अमर उजाला ब्यूरो

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शिमला। कोटी वन रेंज के शलोट जंगल में हुए कटान और खनन की गाज छोटे से लेकर बड़े अफसरों पर गिर सकती है। वन, खनन विभाग के अलावा तत्कालीन एसडीएम पर भी जांच की आंच आ गई है। इन सबसे पुलिस पूछताछ करेगी। पुलिस के निशाने पर छोटे से लेकर बड़े अफसर हैं।

उस दौरान कौन-कौन अफसर पदों पर थे। इसका शुक्रवार को पुलिस पूरा विवरण एकत्रित करने में जुटी रही। सब की लिस्ट तैयार होने के बाद पुलिस इन अफसरों को हुक्मनामा भेज कर जांच में शामिल होने के निर्देश देने जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला भी शुरू हो सकता है।
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कोटी वन रेंज में बीते पांच साल से जो भी कंजरवेटर, डीएफओ, एसीएफ, रेंजर, ब्लॉक अफसर और गार्ड रहे हैं, उन सबसे थाने में पूछताछ की जाएगी। मौजूदा समय में इन पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी।

पुलिस ने वन विभाग से रिकॉर्ड हासिल कर लिया है। रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है और उसके बाद ही आगामी रणनीति पर जांच टीम काम कर रही है। पुलिस पक्के सबूतों के साथ ही इस पूरे मामले में संलिप्त रहे आरोपियों पर हाथ डालने की बात कर रही है। करीब 40 बीघा सरकारी भूमि पर 416 पेड़ काटे गए हैं।

इनमें देवदार के 85, बान 257, चील 65 और अन्य पेड़ काटे गए हैं। स्लीपर और कोयला भी बरामद किया गया है। वन भूमि में बिना मंजूरी के करीब एक किलोमीटर सड़क भी निकाली गई है। वन मंत्री भी मौके का मुआयना कर चुके हैं और इस मामले को उजागर करने के लिए वन कर्मचारियों को भी सम्मानित करने की बात कह चुके हैं।
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शुक्रवार को मौके पर खनन महकमे की टीम भी पहुंची। उन्होंने जांच में पाया कि मौके पर ताजा खनन कहीं नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि खनन की कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली और न ही मौके पर कोई खनन हुआ है। उधर, मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि शुरूआती जांच में कई अफसर और अधिकारियों की लापरवाही इस मामले में सामने आ रही है। आने वाले दिनों में पुलिस गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू करने जा रही है।

 

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