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नकली नहीं थे गहने, वैज्ञानिक जांच में पाया गया खरा सोना

Sun, 03 Feb 2019 11:05 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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शहर के एक निजी बैंक प्रबंधन की शिकायत एवं गहनों की जांच परख सवालों के घेरे में आ गई है। दिसंबर महीने में बैंक प्रबंधन ने तीन व्यक्तियों पर लोहे के तार से बने आभूषणों में सोने की मोटी परत चढ़ाकर लाखों रुपये का कर्ज लेने के आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है।

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लेकिन, वैज्ञानिक आधार पर हुई इस छानबीन में कर्ज लेने वालों को क्लीन चिट मिल गई है। दरअसल, पुलिस की जुन्गा स्थित साइंस लैब की जांच में लोन लेने के लिए बैंक में रखे गए गहने खरे सोने के पाए गए हैं। गहने बनाने में इस्तेमाल हुआ सोना 18 कैरेट का निकला।

गौरतलब है कि शहर में चल रहे एक निजी बैंक प्रबंधन ने तीन लोगों पर लोहे के तार से बने नकली आभूषणों पर 17 लाख रुपये का ऋण लेने के आरोप लगाए थे। बैंक प्रबंधक ने पुलिस को सौंपी शिकायत में बताया था कि तीन लोगों ने बैंक को गोल्ड (ज्वेलरी) देकर 17 लाख रुपये के करीब ऋण लिया। इसमें एक व्यक्ति ने सोने के आभूषणों को बैंक में देकर 5,86,904 रुपये और 4,69,133 रुपये के दो बार ऋण लिए। इसके अलावा एक महिला ने 3,52,584 रुपये का ऋण लिया।
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जबकि, एक अन्य महिला ने भी 3,36,955 रुपये का लोन बैंक से लिया था। प्रबंधन ने हवाला दिया था कि बैंक के ऑडिट के दौरान यह सोना नकली पाया गया है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने गहनों को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब जुन्गा के लिए भेजा। अब करीब एक महीने बाद आई वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

पुलिस ने बैंक में रखे तीनों उपभोक्ताओं के गहने जांच को प्रयोगशाला भेजे थे। मामला दर्ज होने के लगभग एक महीने बाद सोने की गुणवत्ता को लेकर स्थिति साफ हुई है। डीएसपी बवीता राणा ने बताया कि वैज्ञानिक जांच में गहने सोने के पाए गए हैं। गहनों की गुणवत्ता 18 कैरेट पाई गई है। इसमें 72 से 80 प्रतिशत तक सोना पाया जाता है। अब इस मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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