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युग अपहरण एवं हत्या मामले पर अब 17 को होगी सुनवाई

Sat, 14 Jul 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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युग अपहरण और हत्या के मामले को लेकर शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले की सुनवाई को लेकर अब 17 जुलाई की तिथि तय की है। इस कारण इस मामले पर संभावित फैसला अब मंगलवार तक टल गया है। शुक्रवार को सुबह दस बजे से पहले ही अपहरण और हत्या मामले के तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट परिसर में लाया गया। यहां तीनों अदालत में पेश हुए।

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अदालत ने अब 17 जुलाई सुनवाई की तारीख तय की है। इसमें फैसला आ सकता है। चूंकि इस मामले का ट्रायल हो चुका है और अब केस अंतिम चरण में है। अदालत परिसर में युग के पिता विनोद गुप्ता और उनके परिजन भी पहुंचे थे। उन्हें भी अदालत के फैसले का बेसब्री से इंतजार था।

चार साल पूर्व शहर के राम बाजार के चार साल के मासूम युग का अपहरण कर लिया था। 14 जून को रहस्यमयी परिस्थितियों में युग लापता हो गया था। परिजनों ने पुलिस में बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन पुलिस युग को खोजने में नाकाम रही। इसके बाद मामले की जांच सीआईडी को सौंपी।
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20 अगस्त को सीआईडी ने विक्रांत की पहली गिरफ्तारी की, 22 अगस्त 2016 निशानदेही पर सीआईडी ने भराड़ी के एक टैंक से बच्चे का कंकाल बरामद किया। इसी दिन इस अपहरण और हत्या मामले के दो सह अभियुक्तों चंद्र शर्मा और तेजेंद्र पाल को सीआईडी ने गिरफ्तार किया था।

अपहरण और हत्या के आरोपियों के खिलाफ दोष साबित करने के लिए 20 फरवरी 2017 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में ट्रायल शुरू किया था। इस अपहरण और निर्मम हत्या मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।

हत्यारों को फांसी मिले तो ही मिलेगा युग को न्याय- जिला न्यायालय परिसर में युग अपहरण एवं हत्या मामले पर फैसला होने की उम्मीद में पहुंचे युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि अदालत के फैसले का हमें बेसब्री से इंतजार है। बच्चे का अपहरण और उसके बाद उसकी हत्या करने वालों को फांसी मिले तो ही युग को न्याय मिलेगा।

इनके साथ भी ऐसा ही होना चाहिए जैसा उन दरिंदों ने मेरे मासूम बच्चे के साथ किया था। पिता कहना है कि उन्होंने युग की मां सहित पूरे परिवार ने चार साल न्याय के लिए लंबा इंतजार किया है। अब फैसले की घड़ी नजदीक है, उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हमने बेटा खोया है। लेकिन उसकी निर्मम हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलनी जरूरी है।

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